सहारनपुर की मस्जिद के मलबे में मिला पुराना कुआं, पोकलेन से भी नहीं टूटा स्लैब; अब ASI करेगी जांच

Editor
8 Min Read

सहारनपुर 

यूपी में सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बीते शनिवार को जिस मस्जिद को बुलडोजर से ढहाया गया था, मलबा हटाने के बाद उसके नीचे से कुआं निकला है। मलबा अब पूरी तरह साफ कर दिया गया है। दूसरी तरफ, 70 साल पुरानी अवैध मस्जिद गिराए जाने पर सियासत भी जारी है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस से लेकर AIMIM ने बुलडोजर एक्शन के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है।

मलबा हटाने के बाद स्ट्रक्चर के नीचे मिला कुआं

मस्जिद के स्ट्रक्चर के नीचे कुआं मिलने के बाद, सहारनपुर कलेक्ट्रेट में बनी अवैध मस्जिद को गिराने के एक्शन पर SDM सदर सुबोध कुमार ने कहा, 'हमने यह एक्शन अदालत के आदेश का पालन करते हुए किया है। इसी दौरान, यहां एक कुआं मिला है। संबंधित एजेंसियां इसकी ​​जांच करेंगी और बताएंगी कि यह कुआं कितना बड़ा है।'

ईंटों से बना हुआ है कुएं का स्ट्रक्चर
SDM सदर सुबोध कुमार आगे बोले कि टेक्निकल टीमों की पड़ताल के बाद ही सब कुछ स्पष्ट हो पाएगा। यह ईंटों से बना कुआं है और इसका स्ट्रक्चर भी ईंटों से ही बना है। पहली नजर में तो यह कुआं ही लग रहा है।

7 सितंबर को सहारनपुर जाएगा सपा का डेलिगेशन
दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी ने बुलडोजर एक्शन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 7 सितंबर को समाजवादी पार्टी का एक डेलिगेशन सहारनपुर जाएगा। डेलिगेशन कलेक्ट्रेट का भी दौरा करेगा, जहां मस्जिद को गिराया गया है। डेलिगेशन ने शामिल सभी नेता पहले पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान के घर पर जमा होंगे। इसके बाद यहां से कलेक्ट्रेट जाएंगे।

ईंटों से बनी है कुएं की संरचना प्रशासन के मुताबिक, प्रारंभिक तौर पर सामने आई संरचना ईंटों से बनी हुई है और देखने में यह कुआं ही प्रतीत होता है। हालांकि, अधिकारियों ने इसकी अंतिम पुष्टि के लिए तकनीकी जांच को जरूरी बताया है। एएसआई की टीम भी मौके की जांच करेगी, जिसके बाद कुएं की संरचना और संभावित ऐतिहासिक महत्व से जुड़े पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। मस्जिद को गिराए जाने के बाद प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर से मलबे की एक-एक ईंट हटाने की कार्रवाई की। बताया गया कि मलबे को सहारनपुर शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर निर्धारित स्थान पर ले जाकर डाला गया है। प्रशासन का कहना है कि परिसर को पूरी तरह साफ कर समतल किया जा चुका है।

पोकलेन भी नहीं हटा पाई भारी स्लैब
इस पूरी कहानी का एक दिलचस्प हिस्सा वह स्लैब भी है, जिसके नीचे कुआं मिला. मलबा हटाने के दौरान कर्मचारियों को एक मजबूत और भारी स्लैब मिला. उसे हटाने के लिए पोकलेन मशीन की मदद ली गई. लेकिन मशीन से भी स्लैब नहीं टूट पाया. इसके बाद कटर मंगवाया गया. स्लैब को काटने के बाद उसे हटाया गया. और फिर नीचे कुआं दिखाई दिया। 

कलेक्ट्रेट परिसर में कुआं मिलने की खबर फैली तो मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी. लोग एक-एक करके कुएं को देखने पहुंचने लगे. कुएं की गहराई कितनी है? यह कब बनाया गया होगा? इसका इस्तेमाल किस लिए होता होगा?ऐसे कई सवाल लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गए. हालांकि इन सवालों का जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है। 

कुएं के सामने आने के बाद सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल भी तैनात किया गया. कुएं के आसपास लोगों की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है. प्रशासन की निगरानी में मलबा हटाने का काम भी जारी है. अब सिर्फ मलबा हटाने की कार्रवाई नहीं, बल्कि जमीन के नीचे मिले इस ढांचे की जांच भी अहम हो गई है। 

SDM बोले- प्रथम दृष्टया यह कुआं ही लग रहा है
एसडीएम सदर सुबोध कुमार ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद की गई कार्रवाई में यह ढांचा सामने आया है. उनके मुताबिक, प्रथम दृष्टया यह कुआं ही दिखाई दे रहा है और इसकी गहराई करीब 20 फीट के आसपास है. लेकिन कुएं की असली कहानी अभी सामने आनी बाकी है. यह कितना पुराना है? इसे कब बनाया गया था? इसका इस्तेमाल किस लिए होता था? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही मिल सकेंगे। 

अब ASI की जांच पर टिकी नजर
प्रशासन के मुताबिक, मामले की जांच के लिए ASI की टीम मौके पर आएगी. जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि जमीन के नीचे मिला यह कुआं कितना पुराना है और इसका कोई ऐतिहासिक या पुरातात्विक महत्व है या नहीं. फिलहाल, सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद हटाए जाने के बाद मलबे के नीचे मिला यह कुआं अब चर्चा का विषय बन गया है. भारी स्लैब के नीचे करीब 20 फीट गहरा दिखाई देने वाला कुआं आखिर कब बना और इसकी कहानी क्या है? इसका जवाब अब जांच के बाद ही सामने आएगा। 

मस्जिद के नीचे कुआं मिलने से बढ़ी सतर्कता
मस्जिद के बीच में कुआं मिलने के बाद प्रशासन मामले में अतिरिक्त सावधानी बरत रहा है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। कुएं को फिलहाल ढक दिया गया है, ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो और जांच के दौरान संरचना को सुरक्षित रखा जा सके।

सपा का प्रतिनिधिमंडल करेगा सहारनपुर का दौरा
इस बीच समाजवादी पार्टी ने भी पूरे मामले की जांच के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर भेजने का फैसला किया है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रतिनिधिमंडल रविवार को सहारनपुर पहुंचकर घटनाक्रम की जानकारी जुटाएगा।

सपा के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल मंडलायुक्त से मुलाकात कर मस्जिद ध्वस्तीकरण से जुड़े तथ्यों की जानकारी लेगा। पार्टी का दावा है कि 4 सितंबर की शाम प्रशासन की ओर से मस्जिद को सील किए जाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। प्रतिनिधिमंडल मौके की स्थिति देखने के बाद अपनी रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय को सौंपेगा।

सहारनपुर जाने वाले सपा डेलिगेशन की लिस्ट

    लाल बिहारी यादव, नेता प्रतिपक्ष, विधान परिषद 
    चौधरी अब्दुल वाहिद, जिलाध्यक्ष
    हाजी नवाब अंसारी, महानगर अध्यक्ष
    हरेंद्र मलिक, सांसद 
    इकरा हसन, कैराना सांसद 
    चौधरी रूद्रसेन, राष्ट्रीय महासचिव 
    हाजी फजलुर्रहमान, पूर्व सांसद 
    अतुल प्रधान, सरधना विधायक 
    आशु मलिक, विधायक 
    उमर अली, विधायक 
    रामऔतार सैनी, विधायक 
    किरन पाल कश्यप, MLC
    माविया अली, पूर्व विधायक 
    राहुल भारती, अध्यक्ष, सपा SC मोर्चा
    मांगेराम कश्यप, पूर्व राज्यमंत्री 
    जिया चौधरी, जिलाध्यक्ष, मुजफ्फरनगर

ओवैसी और कांग्रेस ने भी उठाया मस्जिद का मुद्दा
गौरतलब है कि असदुद्दीन ओवैसी भी सहारनपुर मस्जिद मामले को लेकर योगी सरकार पर हमलावर हैं। असदुद्दीन ओवैसी ने आरोप लगाया है कि मस्जिद कलेक्ट्रेट दफ्तर बनने से पहले बनी थी। लेकिन योगी सरकार मस्जिदों को तोड़ रही है। वहीं,  कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने एक बार फिर दावा किया कि प्रशासन ने जल्दबाजी में मस्जिद को गिरा दिया। इसके लिए वो सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।

TAGGED: ,
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live