यूपी में हर जिले में तैनात होंगे ‘CM फेलो’, डेटा से तय होगा विकास का रोडमैप

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यूपी में हर जिले में तैनात होंगे ‘CM फेलो’, डेटा से तय होगा विकास का रोडमैप
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लखनऊ

 उत्तर प्रदेश को 'वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी' बनाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब जिला स्तर पर 'एक्सपर्ट मॉनिटरिंग' का दांव चला है। कैबिनेट के ताजा फैसले के अनुसार, अब प्रदेश के हर जिले में 'ओटीडी सीएम फेलो' की तैनाती की जाएगी। ये फेलो न केवल विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत परखेंगे, बल्कि डेटा के आधार पर जिले की आर्थिक प्रगति का नया रोडमैप भी तैयार करेंगे।

डेटा और विशेषज्ञों से बदलेगी जिलों की तस्वीर
इस योजना के तहत प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली OTD सेल को मजबूती देने के लिए दो विशेषज्ञों की नियुक्ति होगी।

    आर्थिक विकास फेलो: जो निवेश, पर्यटन और स्थानीय उत्पादों (DDP) को बढ़ावा देने पर केंद्रित रहेंगे।

    डेटा विश्लेषक फेलो: जिनका काम विकास योजनाओं की ऑनलाइन रिपोर्टिंग और KPI आधारित सटीक समीक्षा करना होगा।

इन विशेषज्ञों के आने से कृषि, उद्योग और रोजगार जैसे क्षेत्रों में सरकारी फाइलों के बजाय वास्तविक आंकड़ों के आधार पर निर्णय लिए जा सकेंगे। नियोजन विभाग के डैशबोर्ड के जरिए होने वाली यह मॉनिटरिंग पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाएगी।

आकर्षक मानदेय और चयन की प्रक्रिया
योगी सरकार ने इस फेलोशिप के लिए योग्य युवाओं को जोड़ने हेतु मानकों को काफी कड़ा और आकर्षक रखा है।

    पारिश्रमिक: चयनित युवाओं को ₹50,000 प्रतिमाह मानदेय मिलेगा।

    सुविधाएं: इसके अलावा लैपटॉप, यात्रा भत्ता और आवासीय सुविधा/भत्ता भी प्रदान किया जाएगा।

    योग्यता: 40 वर्ष तक की आयु के परास्नातक युवा इसके पात्र होंगे।

    चयन: स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन द्वारा लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर चयन होगा।

कैबिनेट के अन्य बड़े फैसले: एक नजर में

1. न्याय प्रणाली का 'डिजिटल अवतार'
नई न्याय संहिताओं को लागू करते हुए यूपी सरकार ने तीन नए नियम तय किए हैं। अब मोबाइल डेटा और वीडियो जैसे डिजिटल सबूतों को ई-साक्ष्य प्रबंधन के तहत वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित रखा जाएगा। साथ ही, अब अदालती समन व्हाट्सएप या ईमेल पर मिल सकेंगे। सबसे बड़ा बदलाव छोटे अपराधों को लेकर है, जहाँ अब अपराधी को जेल भेजने के बजाय सामुदायिक सेवा (जैसे पौधारोपण या गो-सेवा) का विकल्प दिया जाएगा।
यह वीडियो भी देखें

2. सरकारी स्कूलों में 'स्किल की पाठशाला'
छात्रों को भविष्य की तकनीक से लैस करने के लिए 150 राजकीय विद्यालयों में ड्रीम स्किल लैब्स खोली जाएंगी। टाटा नेल्को के सहयोग से बनने वाली इन लैब्स में छात्रों को रोबोटिक्स और मॉडर्न डिजाइनिंग सिखाई जाएगी, जिससे उन्हें सीधे प्लेसमेंट के अवसर मिलेंगे।

3. नोएडा-यमुना क्षेत्र के लिए 'पावर बूस्ट'
औद्योगिक क्रांति को गति देने के लिए यीडा (YEIDA) के सेक्टर-28 में ₹653 करोड़ की लागत से हाईटेक बिजली उपकेंद्र बनाने की मंजूरी दी गई है। यह गैस इंसुलेटेड उपकेंद्र डेटा सेंटर, फिल्म सिटी और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।

 

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