CSIS रिपोर्ट में खुलासा: कनाडा से फंडिंग लेकर भारत में हिंसा फैलाते हैं खालिस्तानी

Editor
7 Min Read
CSIS रिपोर्ट में खुलासा: कनाडा से फंडिंग लेकर भारत में हिंसा फैलाते हैं खालिस्तानी
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

लुधियाना

कैनेडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस (CSIS) की ताजा रिपोर्ट में खालिस्तान समर्थकों को कनाडा की नेशनल सिक्योरिटी को खतरा बताया है। यही नहीं रिपोर्ट में यह भी बात सामने आई कि खालिस्तान समर्थक कनाडा में फंड जुटाकर भारत में हिंसा फैलाते हैं।
CSIS ने एक मई को एक पब्लिक रिपोर्ट-2025 जारी की, जिसमें स्पष्ट तौर पर लिखा है कि खालिस्तान समर्थक कनाडाई नागरिकों से जुड़कर यहां की संस्थाओं का फायदा उठाते हैं। वो कनाडा में सिख संगठनों व आम लोगों से फंड जुटाते हैं। लोग उन्हें धार्मिक कार्यों के लिए फंड देते हैं, लेकिन वो उसका इस्तेमाल बाद में हिंसक गतिविधियों में करते हैं।

रिपोर्ट में यह भी कहा है कि कनाडा में खालिस्तान समर्थकों का एक छोटा सा ग्रुप है। CSIS ने 49 पेजों की रिपोर्ट जारी की है, जिसके पेज नंबर पर 25 पर कनाडा बेस्ड खालिस्तान एक्सट्रिमिस्ट (CBKE) यानि कनाडा में रहने वाले खालिस्तान समर्थकों की गतिविधियों के बारे में लिखा है।

CSIS की रिपोर्ट में खालिस्तान समर्थकों के लिए क्या-क्या लिखा, जानिए..
एयर इंडिया हमले का जिक्र: रिपोर्ट में 1985 के एयर इंडिया फ्लाइट-182 बम विस्फोट की 40वीं वर्षगांठ का खास उल्लेख है। CSIS ने इसे कनाडा के इतिहास का सबसे घातक आतंकवादी हमला बताया, जिसमें 329 लोग मारे गए थे। हमले के संदिग्ध कनाडा-आधारित खालिस्तान समर्थक चरमपंथी संगठनों से जुड़े थे।

खालिस्तान समर्थक संगठनों पर सख्त रुख: रिपोर्ट में पॉलिटिकली मोटिवेटेड वायलेंट एक्सट्रीमिज्म (PMVE) की विस्तार से चर्चा की गई है। CSIS ने लिखा है कि 2025 में कनाडा में कनाडा बेस्ड खालिस्तान एक्सट्रिमिस्ट (CBKE) से जुड़ा कोई हमला नहीं हुआ, लेकिन CBKE की हिंसक गतिविधियां लगातार कनाडा की नेशनल सिक्योरिटी के लिए खतरा बनी हैं।

फंडिंग और भारत में हिंसा का खुलासा: सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि कुछ CBKE कनाडाई नागरिकों से जुड़कर कनाडा की संस्थाओं का फायदा उठाते हैं और अनजान समुदाय के लोगों से फंड इकट्ठा करते हैं। यह फंड बाद में भारत में हिंसक गतिविधियों में इस्तेमाल होता है। CSIS ने स्पष्ट किया कि केवल एक छोटा समूह कनाडा को आधार बनाकर मुख्य रूप से भारत में हिंसा को बढ़ावा देने, फंड जुटाने और हमलों की योजना बनाने का काम करता है। इन्हीं लोगों को खालिस्तानी एक्सट्रिमिस्ट माना जाता है।

कनाडा में खालिस्तान की मांग पर आपत्ति नहीं: रिपोर्ट में कहा गया है कि कनाडा में खालिस्तान राज्य की मांग के लिए शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से अभियान चलाना चरमपंथ नहीं है। CSIS केवल हिंसा और फंडिंग वाले हिस्से को खतरा मानती है।

कनाड़ा में 2025 में 12 नए आतंकी संगठन: CSIS की मदद से कनाडा सरकार ने इस साल 12 नए संगठनों को आतंकवादी घोषित किया, जिनमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग, 764, मेनियक मर्डर कल्ट, टेररग्राम कलेक्टिव आदि शामिल हैं।

आर्थिक और तकनीकी सुरक्षा पर चिंता: रिपोर्ट में 2025 को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बदलाव का साल बताया गया। बढ़ती जियो पॉलिटिकल टेंशन और नई तकनीकों की होड़ से कनाडा की सुरक्षा को खतरा बढ़ा है। विदेशी राज्य खुलेआम और गुप्त तरीके से कनाडा के हितों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

बैंकिंग क्षेत्र को अलर्ट: CSIS ने बैंकिंग और बीमा कंपनियों को विदेशी हस्तक्षेप पर ब्रिफिंग दी। ऑफिस ऑफ द सुपरिंटेंडेंट ऑफ फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस (OSFI) के साथ मिलकर नेशनल सिक्योरिटी थ्रेट फोरम बनाया गया है, ताकि वित्तीय क्षेत्र मजबूत बना रहे।

क्रिप्टोकरेंसी का बढ़ता खतरा: रिपोर्ट में कहा गया है कि क्रिप्टोकरेंसी अब सुरक्षा के लिए नया खतरा बन गई है। विदेशी कंपनियों की पहचान छुपाकर मार्केट में क्रिप्टो करंसी के जरिए हेराफेरी कर रहे हैं, जो दुश्मनों के लिए खतरनाक हथियार साबित हो सकता है। इस पर नकेल कसे जाने की जरूरत है। CSIS आतंकवादी फंडिंग की जांच, नए पैटर्न का विश्लेषण और FINTRAC, वित्त मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रही है।

खालिस्तान समर्थकों पर CSIS की नजर: CSIS की रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि कनाडा खालिस्तानी चरमपंथ, फंडिंग के जरिए भारत में हिंसा की योजना और आर्थिक जासूसी को बहुत गंभीर चुनौती मानता है। एजेंसी इन सभी खतरों पर लगातार नजर रख रही है और जरूरी कार्रवाई करने के लिए तैयार है।

रिपोर्ट के आधार पर कनाडा सरकार बनाएगी नीतियां
कनेडियन मीडिया रिपोर्ट के अनुसार CSIS की रिपोर्ट पर संसद व मंत्री समीक्षा करेंगे। एजेंसी ने रिपोर्ट पब्लिक सेफ्टी मिनिस्टर को सौंप दी है और संसद में इसे पेश किया जाएगा। उसके आधार पर सरकार खालस्तानी कट्‌टपंथियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की पॉलिसी तैयार कर सकती है।

विक्रमजीत साहनी बोले- PM मोदी के प्रयासों से हुआ
आप से भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सदस्य विक्रमजीत सिंह साहनी ने कनाडा के इस निर्णय का स्वागत किया और कहा कि उग्रवादी तत्वों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा घोषित करना बेहतर कदम है। उन्होंने कहा कि यह एक सकारात्मक कदम है और भारत के निरंतर कूटनीतिक प्रयासों को दर्शाता है।

साहनी ने कहा कि यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर के दूरदर्शी नेतृत्व के कारण हुआ है। उन्होंने इस मुद्दे को लगातार और मजबूती से वैश्विक मंचों पर अपने समकक्षों के सामने उठाया। यह भी स्पष्ट करता है कि ऐसे तत्व बेहद छोटे और हाशिए पर मौजूद समूह हैं, जिनका बड़े समुदाय द्वारा अपनाए गए शांति के मूल्यों से कोई संबंध नहीं है।

 

TAGGED: ,
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *