सुशासन के लिए जरूरी है सुरक्षित माहौल, अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस: मुख्यमंत्र

Editor
3 Min Read

लखनऊ
 उत्तर प्रदेश पुलिस के गीत ‘खाकी का सितारा’ के लॉन्चिंग कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुशासन का आधार सुरक्षा है। सुशासन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रदेश में सुरक्षित माहौल देना जरूरी है। पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदली है और प्रदेश को नई पहचान मिलने के पीछे सुरक्षा का भाव महत्वपूर्ण है। सीएम योगी ने कहा कि जहां शौर्य होता है, वहीं संवेदना भी होती है, जबकि कायरता के वातावरण में लूट, असुरक्षा और अराजकता जन्म लेती है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि आतंकवाद, दंगे और नक्सलवाद कायरता की निशानी हैं क्योंकि जो सामने से नहीं लड़ सकता, वही पीछे से वार करता है। अपराध और अपराधियों के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति है और इसके लिए जो कुछ करना होगा, सरकार करेगी। यूपी पुलिस ने इन लक्ष्यों को हासिल करते हुए कई मॉडल स्थापित किए हैं। पिछले नौ वर्षों में प्रदेश दंगामुक्त और कर्फ्यूमुक्त हुआ है।

22 बच्चों को सुरक्षित निकालने को लेकर पुलिस के शौर्य का किया जिक्र
सीएम योगी ने फर्रुखाबाद की उस घटना का जिक्र किया, जिसमें 22 बच्चे चारों ओर डिटोनेटर के दायरे में कैद थे। सीएम ने कहा कि यूपी पुलिस ने अपनी क्षमता और साहस का परिचय देते हुए बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला और अपराधी मुठभेड़ में मारे गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन की निगरानी के दौरान वे लगातार देख रहे थे कि अभियान किस तरह आगे बढ़ रहा है। ऐसे अभियानों ने पुलिस के शौर्य और जनता की सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को सामने रखा है।

अब यह पुरानी पुलिस नहीं, दुस्साहस करने वालों को भुगतनी होगी कीमत
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था, जब अपराधी पुलिस पर भारी पड़ते थे और पुलिस पीछे हटती थी। बहुत से लोगों को यह गफलत थी कि वे अपनी संख्या के बल पर यूपी पुलिस को रौंद देंगे लेकिन अब उनका दंभ चकनाचूर हो चुका है। पुलिस की कार्यशैली और क्षमता में बदलाव आया है और अब अपराधियों को यह समझना होगा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। लखनऊ की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि इसी शहर में एक व्यक्ति ने पुलिस अधिकारी को अपनी कार की बोनट पर घसीटकर जबरन ले जाने का प्रयास किया था। सीएम ने कहा कि वह समय अब बीत चुका है। अब कोई ऐसा दुस्साहस करेगा तो उसे सजा भुगतनी होगी, चाहे वह किसी नेता या किसी अधिकारी का पुत्र ही क्यों न हो। कानून के सामने किसी के प्रभाव या पहचान का कोई महत्व नहीं होगा और दुस्साहस करने वाले को उसकी कीमत चुकानी होगी।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live