यमुनानगर में ₹11.84 करोड़ की जल निकासी योजना अधूरी, हल्की बारिश में ही डूब रहा शहर

Editor
4 Min Read

यमुना नगर.

शहर को जलभराव से बचाने के लिए 11.84 करोड़ रुपये की परियोजना सात साल से अधूरी है। वर्ष 2019 में शुरू हुई योजना के तहत नगर निगम 210 मीटर पाइप लाइन बिछा चुका है। रेलवे को 5.27 करोड़ रुपये भी जमा करवाए जा चुके हैं।

इसके बावजूद करीब 70 मीटर काम बाकी है। हल्की बारिश में ही शहर की कई कालोनियां जलमग्न हो जाती हैं। लोगों को जलभराव वाली सड़कों से गुजरना पड़ता है। विडंबना यह है कि जिस परियोजना से बारिश का पानी शहर से बाहर निकालना था, उसका रास्ता ही सात साल से साफ नहीं हो पाया। कभी निजी जमीन अड़चन बनी, कभी सड़क की दूसरी तरफ से पाइप डालने की योजना बनी और फिर पीडब्ल्यूडी की जमीन से रास्ता निकालने का प्रयास हुआ। अब रेलवे लाइन के नीचे से पाइप डालने की तैयारी है।

पानी का दबाव घटाने की थी योजना
जगाधरी से आने वाला बड़ा नाला बारिश में ओवरफ्लो होकर शहर की कालोनियों की ओर पानी छोड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए अमरुत योजना के तहत कन्हैया साहिब चौक से डिच ड्रेन तक करीब छह फीट चौड़ी स्टॉर्म वाटर पाइप लाइन डाली जा रही है। इसका उद्देश्य पानी को डायवर्ट कर शहर पर दबाव कम करना है।

इनकी पीड़ा भी सुनिए
ग्रीन पार्क निवासी ललित त्यागी का कहना है कि नगर निगम के नेतृत्व व अधिकारियों की लापरवाही के कारण शहर में जलभराव हो रहा है। जिन लोगों का बरसात से नुकसान हुआ, अधिकारियों से उसकी भरपाई करवानी चाहिए। प्रोफेसर कालोनी निवासी कुशल पाल राणा का कहना है कि बरसात के बाद भी दिक्कत खत्म नहीं होती। दुर्गंध के कारण परेशान रहते हैं। कांग्रेस के नेता सतपाल कौशिक का कहना है कि जल भराव के इस तरह के हालत पहले कभी नहीं देखे। जनता की कोई सुनवाई नहीं है।

सात साल में अड़चन दूर क्यों नहीं हुई
योजना को शुरू से ही अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया। बिना खुद की जमीन के योजना का सर्वे कर काम शुरू कर दिया। रेलवे विभाग के हिस्से में करीब 70 मीटर पाइप लाइन का काम बाकी है। इसके पूरा होने के बाद ही पूरी लाइन चालू होगी। वर्ष 2019 में शुरू हुई परियोजना में जमीन और रेलवे से जुड़ी अड़चन सात साल में क्यों नहीं सुलझी? 5.27 करोड़ रुपये जमा होने के बाद भी काम अधूरा क्यों है? जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

यहां पर होती है भारी दिक्कत
मॉडल टाउन, सरोजनी कालोनी पार्ट टू, कैंप क्षेत्र, सेक्टर 17, वर्कशाप रोड, आइटीआइ, चांदपुर, जम्मू कालोनी, रेलवे बाजार, जिम खाना रोड, लाजपत नगर, आजाद नगर, शक्ति नगर, विष्णु नगर, कृष्णा कालोनी, हरिनगर, माडर्न कालोनी, टैगोर गार्डन, बैंक कालोनी और प्रोफेसर कालोनी समेत कई क्षेत्रों को परियोजना से राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल सात साल बाद भी कहानी वहीं है। पाइप लाइन 210 मीटर पहुंच गई, लेकिन शहर की राहत 70 मीटर पर अटकी है। मेयर सुमन बहमनी ने कहा कि रेलवे लाइन के नीचे से पाइप डालने का काम शुरू हो चुका है। इसके पूरा होने के बाद वर्षा जल निकासी की समस्या काफी हद तक दूर होने की उम्मीद है।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live