Tata Sons में बड़ा बदलाव! चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने छोड़ा पद, AGM से पहले लिया बड़ा फैसला

Editor
3 Min Read

नई दिल्ली
टाटा ग्रुप के मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव हुआ है। दरअसल, एन. चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही उनका लगभग एक दशक लंबा कार्यकाल अचानक खत्म हो गया है। ईटी की एक खबर में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि 63 साल के चंद्रशेखरन ने टाटा संस बोर्ड को अपने फैसले के बारे में बता दिया है। वे फरवरी 2027 में अपना कार्यकाल आधिकारिक रूप से पूरा होने तक पद पर बने रहेंगे। इस खबर के बाद टाटा ग्रुप की कंपनी TCS समेत टाटा के दूसरे शेयरों में 4% तक की गिरावट आई।

एजीएम से पहले फैसला
चंद्रशेखरन का यह फैसला 18 अगस्त की एनुअल जनरल मीटिंग यानी एजीएम और टाटा संस में लगभग 66% हिस्सेदारी रखने वाले टाटा ट्रस्ट्स के वोटिंग के तरीके को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच आया है। टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा, चंद्रशेखरन के बने रहने के खिलाफ माने जाते हैं।

ग्रुप के दूसरे कारोबार पर भी पड़ेगा असर
इसके साथ ही एन. चंद्रशेखरन का लगभग दस साल का कार्यकाल अचानक खत्म हो गया है। इस दौरान उन्होंने भारत के सबसे बड़े बिजनेस ग्रुप को एयरलाइंस, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी और डिजिटल बिजनेस जैसे कई क्षेत्रों में फैले एक बड़े ग्रुप में बदल दिया।

चंद्रशेखरन के जाने का असर पूरे ग्रुप पर भी पड़ेगा। वे टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा मोटर्स और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स जैसी टाटा कंपनियों के चेयरमैन हैं और 2017 में टाटा संस की कमान संभालने के बाद से ग्रुप के कारोबार में अहम भूमिका निभाते रहे हैं।

विजय सिंह भी दे चुके ट्रस्ट से इस्तीफा
बता दें कि बीते कुछ समय से टाटा ट्रस्ट में कई इस्तीफे हो चुके हैं। हाल ही में टाटा ट्रस्ट के वाइस चेयरमैन विजय सिंह ने सर रतन टाटा ट्रस्ट (एसआरटीटी) के न्यासी (ट्रस्टी) पद से इस्तीफा दे दिया है। वह सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (एसडीटीटी) के ट्रस्टी बने रहेंगे। विजय सिंह के इस्तीफ की भी खबर सर रतन टाटा ट्रस्ट के ट्रस्टियों के बीच मतभेदों के बीच सामने आया है।

इसके बोर्ड के गठन को नियंत्रित करने वाले नियमों के कथित उल्लंघन की जांच लंबित रहने तक महाराष्ट्र राज्य चैरिटी कमिश्नर ने ट्रस्ट को अपने बोर्ड की बैठक करने से रोक दिया है। एसआरटीटी ने प्रतिबंध हटाने की मांग करते हुए चैरिटी कमिश्नर से संपर्क किया है, जिसमें 18 अगस्त को टाटा संस की एजीएम में ट्रस्ट की भागीदारी पर इसके संभावित प्रभाव का हवाला दिया गया है। विजय सिंह और उनके साथी ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन ने सार्वजनिक रूप से टाटा संस को सूचीबद्ध करने का समर्थन किया है, जिसका टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा ने विरोध किया है।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live