महिला आयोग सदस्य ने सखी सहेली सेंटर और नारी निकेतन का किया निरीक्षण

Editor
3 Min Read

रायपुर

महिला आयोग सदस्य ने सखी सहेली सेंटर और नारी निकेतन का किया निरीक्षण

छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य दीपिका शोरी ने दंतेवाड़ा स्थित सखी सहेली सेंटर और नारी निकेतन का आकस्मिक निरीक्षण कर महिलाओं की सुरक्षा, महिलाओं के अधिकारों और उन्हें मिल रही सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सखी सहेली सेंटर  (वन स्टॉप सेंटर) और नारी निकेतन दोनों ही संकट में फंसी महिलाओं की मदद करने वाली सरकारी संस्थाएं हैं। सखी सेंटर महिलाओं को तत्काल चिकित्सा, कानूनी सलाह, काउंसलिंग और कुछ दिनों का अस्थायी आश्रय देता है। वहीं नारी निकेतन लंबे समय के सुरक्षित आवास और पुनर्वास के लिए एक स्थायी आश्रय गृह है।

पीड़ित महिला को त्वरित न्याय उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी        

शोरी ने सखी सहेली सेंटर और नारी निकेतन का निरीक्षण के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं से जुड़े मामलों में पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ काम किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी पीड़ित महिला को न्याय मिलने में देरी नहीं होनी चाहिए। त्वरित और निःशुल्क सहायता तथा न्याय उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जिन मामलों में कोई समस्या या बाधा हो, उन्हें तुरंत महिला आयोग के संज्ञान में लाया जाए। दीपिका शोरी ने  नारी निकेतन में रह रही महिलाओं से बातचीत कर स्वास्थ्य, भोजन, रहन-सहन और अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। महिलाओं ने उपलब्ध व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।

महिलाओं की सुरक्षा और जागरूकता पर विशेष जोर      

राज्य महिला आयोग की सदस्य शोरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित वातावरण और न्याय दिलाना है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए समाज में जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि महिलाओं और बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सरकारी सहायता सेवाओं की जानकारी देना समय की जरूरत है। जागरूक और शिक्षित बालिका आगे चलकर आत्मनिर्भर और सशक्त महिला बनती है, जो परिवार और समाज दोनों को मजबूत बनाती है।

अधिकारों की जानकारी से बढ़ेगा आत्मविश्वास   

दीपिका शोरी ने कहा कि बालिकाओं को बचपन से ही शिक्षा के साथ कानूनी जानकारी और आत्मविश्वास देना जरूरी है, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और किसी भी गलत व्यवहार का साहसपूर्वक विरोध कर सकें। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा कानूनों और सहायता योजनाओं की जानकारी देने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाएगा। इससे महिलाओं की सुरक्षा मजबूत होगी और उन्हें न्याय तथा संरक्षण से जुड़ी शासकीय सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live