यूपी के इस जिले में बड़ा फर्जीवाड़ा: जिंदा पतियों को ‘मृत’ बताकर बांटी विधवा पेंशन, ऐसे खुला राज

Editor
3 Min Read

सहारनपुर

यूपी के सहारनपुर जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। गंगोह ब्लॉक के खानपुर गुर्जर गांव में जिंदा पुरुषों को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दिखाकर उनकी पत्नियों के नाम विधवा पेंशन स्वीकृत कराने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू की, जिसमें शुरुआती जांच में दो मामले सही पाए गए हैं। वहीं, एक दर्जन से अधिक अन्य मामलों में भी अनियमितता की आशंका जताई जा रही है।

जिंदा पतियों को मृत दिखाकर पत्नियों को बांटी विधवा पेंशन
जानकारी के मुताबिक, आरोप है कि पंचायत सहायक ने सरकारी अभिलेखों में हेरफेर कर कई जीवित लोगों को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उनकी पत्नियों के नाम विधवा पेंशन स्वीकृत करा दी गई। इतना ही नहीं, इस पूरे खेल में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र भी तैयार कराए गए। मामला तब सामने आया जब कुछ लोगों को जानकारी मिली कि सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत दर्शाया गया है, जबकि वे जीवित हैं। इसके बाद पीड़ितों ने जिला प्रशासन से शिकायत कर निष्पक्ष जांच की मांग की।

शुरुआती जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि
प्रशासन की प्रारंभिक जांच में दो मामलों की पुष्टि हुई है। इनमें एक मामला सहारनपुर जिले का और दूसरा शामली जिले से जुड़ा है। दोनों मामलों में महिलाओं के पति जीवित पाए गए, बावजूद इसके उनके नाम पर विधवा पेंशन का भुगतान किया जा रहा था। इस खुलासे के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अरविंद चौहान ने पूरे जिले में संचालित सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का व्यापक सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान लाभार्थियों की पात्रता, परिवार रजिस्टर, मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य संबंधित दस्तावेजों का मिलान किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार के फर्जी लाभार्थियों की पहचान कर कार्रवाई की जा सके।

दोषियों को खिलाफ होगी कार्रवाई
वहीं, मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) सुमित आर. महाजन ने संबंधित पंचायत सहायक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है। यदि जांच में जालसाजी और फर्जीवाड़े की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि सत्यापन अभियान के बाद पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार की जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस घटना ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live