बिहार TRE-4 भर्ती को मिली रफ्तार, 20 हजार से अधिक शिक्षकों की होगी नियुक्ति

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पटना
 बिहार में टीआरई-4 के तहत शिक्षक नियुक्ति का प्रस्ताव सोमवार को सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद इस विभाग के मंत्री हैं। इसके साथ ही शिक्षक नियुक्ति चौथे चरण की प्रक्रिया अब अंतिम प्रशासनिक चरण में पहुंच गयी है। टीआरई-4 के माध्यम से 20 हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की संभावना है। अब मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद नियुक्ति की अधियाचना एक से दो दिनों में बिहार लोक सेवा आयोग को भेज दी जाएगी। इसके बाद बीपीएससी भर्ती का विस्तृत विज्ञापन जारी करेगा।

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि विभाग ने सोमवार को टीआरई-4 के तहत शिक्षक नियुक्ति का प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दिया है। मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलते ही अधियाचना बीपीएससी को भेजी जाएगी, ताकि नियुक्ति में किसी प्रकार की विलंब न हो। माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के साथ कुछ रिक्तियां प्राथमिक में भी आएगी। मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलने के बाद बीपीएससी भर्ती का विस्तृत विज्ञापन जारी कर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू करेगा।

बीपीएससी ने वायरल विज्ञप्ति को फर्जी बताया
बीपीएससी ने सोमवार की देर रात सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही टीआरई फोर की विज्ञप्ति को फर्जी करार दिया है। इसकी सूचना आयोग के जनसंपर्क अधिकारी ने दी। बताया कि अब तक आयोग के पास रिक्तियां प्राप्त नहीं हुई हैं। जैसे ही आयोग के पास वैकेंसी आएगी। इसकी सूचना जारी की जाएगी।

तबादले के साथ ही शिक्षकों का जिला कैडर भी बनेगा
शिक्षकों का तबादले के साथ ही जिला कैडर बन जाएगा। नई व्यवस्था के तहत सभी पात्र शिक्षकों को स्थानांतरण का मौका मिलेगा। जो अंतर जिला तबादले का विकल्प चुनेंगे, उनकी वरीयता नई तैनाती वाले जिले के आधार पर तय होगी। अंतर जिला तबादले के बाद संबंधित शिक्षक की वरीयता नये जिले में पहले से कार्यरत शिक्षकों के बाद तय होगी। शिक्षक तबादले के लिए बुधवार से आवेदन कर सकेंगे। शिक्षा विभाग ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर 5 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार करेगा। टीआरई-3 वाले और नियोजित शिक्षकों को इसका मौका नहीं मिलेगा।

सरकार ने तबादले को एसओपी जारी कर दी है। तबादला जिला स्तर पर होने के अलावा अंतर प्रमंडलीय स्थानांतरण की स्थिति में नई वरीयता संबंधित प्रमंडल के अनुसार तय होगी। सबसे पहले अधिशेष शिक्षकों का समायोजन और समानुपातीकरण होगा। पारस्परिक स्थानांतरण के मामलों का निपटारा होगा और अंत में सामान्य स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी होगी। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि जिले का चयन सोच-समझकर करें, क्योंकि तबादले के बाद सेवा वरीयता उसी जिले के अनुसार तय होगी। पांच वर्षों तक तबादला नहीं होगा।

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