तेहरान
ईरान ने कहा कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है और इस समुद्री मार्ग के प्रबंधन को लेकर ओमान के साथ सकारात्मक बातचीत जारी है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरान की तत्काल प्राथमिकता बातचीत के बजाय अपनी संप्रभुता की रक्षा करना है, उन्होंने हालांकि यह भी स्वीकार किया कि ईरान मध्यस्थों के माध्यम से अमेरिका के साथ संदेशों का आदान-प्रदान जारी रखे हुए है। उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच सीधी बातचीत के लिए फिलहाल स्थितियां मौजूद नहीं हैं।
अमेरिका से बातचीत के लिए रखीं 3 शर्तें
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से किसी नए रास्ते या वैकल्पिक रूट के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। ईरान ने साफ किया है कि होर्मुज पर वह किसी कीमत पर पीछे नहीं हटेगा और अब ये समुद्री रास्ता युद्ध पूर्व की स्थिति में वापस नहीं जाएगा। ईरान की ओर से ऐसे समय ये कहा गया है, जब अमेरिका ने दो हफ्ते से जारी हमले रोक दिए हैं और चीजों को बातचीत की तरफ ले जाने की कोशिश हो रही है। ईरान ने अमेरिका से समझौते पर बातचीत के लिए तीन शर्तें रखी हैं।
अल-अरबिया के अनुसार, तेहरान चाहता है कि बातचीत शुरू होने से पहले होर्मुज पर यह पक्का किया जाए कि इस समुद्री गलियारे पर ईरान का नियंत्रण रहेगा। यह उसकी पहली शर्त है। दूसरी शर्त ईरान के फ्रीज किए गए फंड जारी करने की है। तीसरे पड़ाव में ईरान ने परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा की बात कही है। ईरान ने मध्यस्थ पाकिस्तान से कहा है कि वह शर्तों पर जिनेवा, दोहा या इस्लामाबाद में बातचीत के लिए तैयार है।
होर्मुज खोलने पर बातचीत जारी
रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य के जलमार्गों को फिर से खोलने पर ओमान और ईरान के बीच दो दिन की बातचीत में काफी प्रगति हुई है। एक ईरानी अधिकारी ने कहा है कि ओमान के अधिकारी चर्चा के बाद शनिवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर के आसपास तेहरान से रवाना हुए हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर ओमान और ईरान के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है। क्षेत्रीय अधिकारियों ने कहा है कि किसी नतीजे के लिए अभी और बातचीत की जरूरत है। हालांकि होर्मुज पर डोनाल्ड ट्रंप का रुख क्या रहता है, इस पर सभी की नजर है।
होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण
ईरानी संसद के डिप्टी स्पीकर ने जोर देकर कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य युद्ध-पूर्व की स्थिति में वापस नहीं आएगा। अब इस समुद्री रूट से यातायात ईरान तत करेगा। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का पूर्ण नियंत्रण बना होने का दावा किया है।
IRGC ने कहा हैकि ईरान की अनुमति के बिना एक पक्षी भी होर्मुज से से नहीं गुजर सकता है। IRGC ने यह भी कहा कि उसकी चेतावनी जारी करने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में छह जहाजों को रोका गया। इससे यह साबित होता है कि उस इलाके में नेविगेशन पर ईरान का पूरा नियंत्रण है।
ईरान-अमेरिका में हमले रुके
अमेरिका ने 13 दिनों के हमलों के बाद ईरान पर हमले रोक दिए हैं। इसके बाद ईरानी सेना ने भी जवाबी हमले रोकने का ऐलान किया है। दोनों पक्षों के हमले रोकने से बातचीत फिर शुरू होने की उम्मीद बंधी है। माइक वाल्ट्ज ने कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप ने कूटनीति को समय देने के लिए हमले रोके हैं।
पाकिस्तान में भी हो सकती है बातचीत
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने पाकिस्तान को भी संदेश भेजा है कि वह जिनेवा, दोहा या इस्लामाबाद में आगे की वार्ता के लिए तैयार है. इस बीच ओमान और ईरान के बीच हॉर्मुज के आसपास समुद्री रास्तों को फिर से सामान्य करने को लेकर दो दिनों तक बातचीत हुई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बातचीत में कुछ प्रगति हुई है. इसी दौरान अमेरिका ने भी ईरान पर अपने हवाई हमले फिलहाल रोक दिए. इससे कूटनीतिक समाधान की उम्मीद बढ़ी है. हालांकि, क्षेत्रीय अधिकारियों का कहना है कि अंतिम समझौते के लिए अभी और दौर की बातचीत जरूरी होगी।
‘हॉर्मुज पर हमारा पूरा नियंत्रण’
ईरान ने दावा किया कि हाल ही में एक तेल टैंकर निर्धारित समुद्री मार्ग छोड़कर दूसरे रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहा था. इसी दौरान वह समुद्री सुरंग से टकरा गया. उसमें विस्फोट हो गया. ईरान की संसद के उपाध्यक्ष ने कहा कि अब हॉर्मुज कभी भी युद्ध से पहले जैसी स्थिति में नहीं लौटेगा।
वहीं, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि ईरान की सहमति के बिना हॉर्मुज से एक परिंदा भी पर नहीं मार सकता. आईआरजीसी ने यह भी दावा किया कि उसने चेतावनी देने के बाद हॉर्मुज में छह जहाजों को रोक दिया गया. इसे उसने इस क्षेत्र पर अपने कंट्रोल का सबूत बताया।
अमेरिका पर समझौता तोड़ने का आरोप
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर हॉर्मुज से जुड़े समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया. उनका कहना है कि समझौते का अनुच्छेद-5 पूरी तरह स्पष्ट था, लेकिन अमेरिका ने जानबूझकर उसकी शर्तों का पालन नहीं किया।
दुनिया की टिकीं नजरें
हालांकि बातचीत आगे बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं. लेकिन हॉर्मुज को लेकर तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. जानकारों का मानना है कि यह समुद्री मार्ग दुनिया की तेल आपूर्ति का सबसे अहम रास्ता है. ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बड़ा असर डाल सकता है।
