ज्येष्ठ मास की शुरुआत के साथ 19 साल बाद बना अधिक मास का संयोग, बदलेगा त्योहारों का कैलेंडर

Editor
3 Min Read

 सीकर

आज यानी 2 मई से ज्येष्ठ मास की शुरुआत हो रही है, जिसका हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक महत्व है. इस बार 19 साल बाद 'अधिक मास' का विशेष संयोग बन रहा है, जिसके चलते पूरे साल के त्योहारों का कैलेंडर बदल गया है. अगले 15 दिनों तक तो मांगलिक कार्य हो सकेंगे, लेकिन 17 मई से 15 जून तक विवाह, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्यों पर पूरी तरह रोक रहेगी.

अगस्त के अंत में रक्षा बंधन, नवंबर में दीपावली
अधिक मास के प्रभाव से इस साल रक्षाबंधन अगस्त के अंत में और दीपावली अक्टूबर की जगह नवंबर में मनाई जाएगी. मान्यताओं के अनुसार, अधिक मास में भगवान विष्णु की आराधना और दान-पुण्य का अक्षय फल मिलता है.

खाटूश्यामजी मंदिर में क्यों बदला आरती का समय?
जेठ के महीने में पड़ रही भीषण गर्मी और अधिक मास के धार्मिक महत्व को देखते हुए सीकर जिले के प्रसिद्ध खाटू धाम में आरती के समय में परिवर्तन किया गया है. श्री श्याम मंदिर कमेटी से मिली जानकारी के अनुसार, अब बाबा श्याम की श्रृंगार आरती प्रातः सुबह 7:00 बजे होगी. वहीं, सायंकालीन संध्या आरती अब शाम को 7:30 बजे की जाएगी. मंदिर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है ताकि भक्त भीषण गर्मी से बच सकें.

श्रद्धालुओं के लिए मंदिर कमेटी के विशेष इंतजाम
मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि ज्येष्ठ माह की तपती गर्मी को देखते हुए श्याम भक्तों के लिए मंदिर परिसर में कूलर और पंखों की पुख्ता व्यवस्था की गई है. भक्तों को राहत देने के लिए तोरण द्वार से लेकर मंदिर आने तक के सभी मुख्य मार्गों पर समय-समय पर पानी का छिड़काव करवाया जा रहा है. इसके अलावा अधिक मास में दान-पुण्य की विशेष महत्ता को देखते हुए मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है, जिसके लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है.

क्या होता है अधिक मास और क्यों बढ़ जाते हैं दिन?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सौर वर्ष और चंद्र वर्ष के बीच सामंजस्य बिठाने के लिए हर तीसरे वर्ष पंचांग में एक अतिरिक्त महीना जोड़ दिया जाता है, जिसे 'अधिक मास' या 'मलमास' कहा जाता है. सौर वर्ष 365 दिन का होता है, जबकि चंद्र वर्ष करीब 354 दिनों का. इस 11 दिन के अंतर को पाटने के लिए हर तीन साल में एक महीना बढ़ जाता है. इस बार यह संयोग 19 साल बाद आया है, जो धार्मिक दृष्टि से विष्णु पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है.

TAGGED: ,
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live