हरियाणा में जर्जर स्कूल भवनों पर बड़ा फैसला, जिला समिति लेगी निर्णय

Editor
4 Min Read

चरखी दादरी
 सरकारी स्कूलों के जर्जर और असुरक्षित भवनों के मामलों में निर्णय प्रक्रिया को तेज करने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत वर्ष 2011 के पुराने निर्देशों में संशोधन करते हुए जिला स्तरीय समिति का पुनर्गठन कर दिया है। अब यह समिति स्कूल भवनों की सुरक्षा का आकलन करेगी, कमरों को उपयोग के लिए कंडम घोषित करेगी तथा उनसे प्राप्त होने वाली सामग्री की नीलामी भी स्वयं कर सकेगी। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा एवं प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय से अलग से मंजूरी लेने की आवश्यकता नहीं होगी।

स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव द्वारा जारी आदेश के अनुसार नई व्यवस्था का उद्देश्य जर्जर भवनों को हटाने की प्रक्रिया में होने वाली देरी को समाप्त करना और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। लंबे समय से कई स्कूलों में पुराने और खस्ताहाल कमरे होने के बावजूद प्रशासनिक स्वीकृति में देरी के कारण कार्यवाही नहीं हो पा रही थी। अब जिला स्तर पर ही निर्णय होने से प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज होगी।

आदेश के अनुसार जिला स्तरीय समिति की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त करेंगे। समिति में सदस्य के रूप में एसएसए ,पीडब्ल्यूडी, जनस्वास्थ्य या हरियाणा सरकार के किसी भी सिविल विभाग के कार्यकारी अभियंता, संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी अथवा जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी तथा संबंधित विद्यालय के मुखिया को शामिल किया गया है

यह समिति स्कूल भवनों का तकनीकी और सुरक्षा के दृष्टिकोण से निरीक्षण करेगी। यदि कोई कमरा या भवन विद्यार्थियों एवं स्टाफ के लिए असुरक्षित पाया जाता है तो समिति उसे कंडम घोषित करने का निर्णय ले सकेगी। इसके साथ ही भवन से निकलने वाली सामग्री की नीलामी की दरें तय करने और नीलामी प्रक्रिया पूरी कराने का अधिकार भी समिति को दिया गया है।

स्वीकृति के लिए नहीं लेकिन सूचना के लिए भेजना होगा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों को अब माध्यमिक शिक्षा निदेशालय या प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को स्वीकृति के लिए नहीं भेजा जाएगा

हालांकि जिला समिति को यह सुनिश्चित करना होगा कि जिन कमरों को कंडम घोषित किया गया है और जिनके स्थान पर नए कमरों के निर्माण के लिए धनराशि की आवश्यकता होगी, उसकी सूचना समय रहते संबंधित निदेशालय को भेजी जाए ताकि नए निर्माण के लिए बजट आवंटन की प्रक्रिया प्रभावित न हो।

विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस निर्णय से स्कूलों में जर्जर भवनों को हटाने और नए कमरों के निर्माण का रास्ता आसान होगा। साथ ही विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित निर्णय लिए जा सकेंगे।

विभाग ने आदेश की प्रतियां सभी उपायुक्तों, अतिरिक्त उपायुक्तों, जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों, संबंधित विभागों के इंजीनियरों और शिक्षा परियोजना परिषद को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी हैं।

एडीसी होंगे समिति के अध्यक्ष
जिला शिक्षा अधिकारी धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि भवनों को कंडम घोषित करने का निर्णय पीडब्ल्यूडी विभाग लेता है। संबंधित सूचना उन्हें निदेशालय भेजनी होगी लेकिन जिला स्तरीय समिति के सर्वेसर्वा एडीसी होंगे।

 

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live