गोंडा में पंचायत सचिव 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

Editor
3 Min Read

  गोंडा

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में बभनजोत ब्लॉक परिसर में गुरुवार को एक पीड़ित की शिकायत पर पहुंची एंटी करप्शन की टीम ने घंटो मशक्कत के बाद एक पंचायत सचिव को दस हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पकड़ने के बाद आरोपी को मनकापुर कोतवाली लाया गया, जहां उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई के बाद ब्लाक में हडकंप मचा रहा। लोग आरोपी पंचायत सचिव के बारे में ही चर्चा करते नजर आए।

गुरुवार को एंटी करप्शन देवीपाटन मंडल की टीम सुबह ही ब्लाक पर पहुंच गई और अपना जाल बिछाना शुरु कर दिया। एंटी करप्शन के जाल में ग्राम पंचायत सचिव उमेश कुमार भारती फंस गए और जन्म प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए। टीम द्वारा आरोपी ग्राम पंचायत सचिव की जेब से रिश्वत के पैसे निकालते और पूरी कार्रवाई का एक वीडियो भी सामने आया है। गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन टीम सचिव को सीधे मनकापुर कोतवाली ले गई, जहां उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया।

पीड़ित ने एंटी करप्शन में कई थी शिकायत
बताया जाता है कि खोडारे थाना क्षेत्र के कोल्हीगरीब निवासी अजमल पुत्र मोहम्मद अख्तर ने शिकायत की थी कि उनके मित्र अजहरुद्दीन के तीन बच्चे महमुदुद्दीन, समसू निशा खान और फरहीन खान के जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए सचिव उमेश कुमार भारती लगातार 10 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे हैं । बिना रूपये के प्रमाण नहीं दे रहे थे। एंटी करप्शन देवीपाटन मंडल थाने के प्रभारी धनंजय सिंह ने बताया कि सचिव को मनकापुर कोतवाली लाकर मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन्होंने बताया कि उमेश कुमार भारती जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए रिश्वत ले रहे थे।

रिश्वत के मामले में पेशकार को गिरफ्तार कर लिया गया
वहीं हमीरपुर में नक्शा दुरुस्तीकरण के नाम पर सेवानिवृत्त फौजी से 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए उप संचालक चकबंदी न्यायालय के पेशकार को गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई बांदा से आई एंटी करप्शन टीम ने की। पेशकार को कार्यालय के अंदर से दबोचकर टीम अपने साथ बांदा ले गई। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। हरियाणा के फतेहाबाद निवासी सेवानिवृत्त फौजी धर्मवीर सिंह ने बताया कि उन्होंने करीब एक साल पूर्व सरीला तहसील के कुपरा गांव में साढ़े 13 बीघा जमीन खरीदी थी। इसका नक्शा दुरुस्त कराने को लेकर उन्होंने उपसंचालक चकबंदी न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। छह माह से वह बराबर चक्कर लगा रहे थे।

TAGGED: ,
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live