सोनम पर गवाहों को प्रभावित करने का आरोप, शिलांग पुलिस हाईकोर्ट में करेगी जमानत रद्द कराने की अपील

Editor
6 Min Read
सोनम पर गवाहों को प्रभावित करने का आरोप, शिलांग पुलिस हाईकोर्ट में करेगी जमानत रद्द कराने की अपील
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

 इंदौर
बहुचर्चित इंदौर-टू-शिलांग हनीमून मर्डर केस में ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपित सोनम को मिली जमानत रद करने के लिए शिलांग पुलिस मेघालय हाई कोर्ट जाएगी। दरअसल, शिलांग पुलिस का मानना है कि गंभीर प्रकृति के इस केस में सोनम इसकी मास्टरमाइंड है। जमानत मिलने से वह गवाहों को प्रभावित कर सकती है। उसकी जमानत को आधार बनाकर शेष आरोपित भी जमानत मांगने लगे हैं।

पुलिस उन बिंदुओं को ही आधार बनाएगी, जिन बिंदुओं पर शिलांग की सत्र न्यायालय ने सोनम को जमानत दी। सरकारी वकील केशव गौतम ने भी इसकी पुष्टि की है। सूत्रों के अनुसार, शिलांग पुलिस अब इस मामले से जुड़े साक्ष्यों और तथ्यों को और मजबूती से प्रस्तुत करने की रणनीति बना रही है, ताकि हाईकोर्ट में जमानत आदेश को चुनौती दी जा सके।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस उन बिंदुओं को ही आधार बनाएगी, जिन बिंदुओं पर शिलॉन्ग की सत्र न्यायालय ने सोनम को जमानत दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार शिलॉन्ग पुलिस अब इस मामले से जुड़े साक्ष्यों और तथ्यों को और मजबूती से प्रस्तुत करने की रणनीति बना रही है, ताकि हाईकोर्ट में जमानत आदेश को चुनौती दी जा सके। वहीं सरकारी वकील केशव गौतम ने इस पूरे मामले को लेकर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।

जमानत के आधार पर उठे सवाल
बता दें कि इंदौर शहर के सहकार नगर निवासी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में उसकी पत्नी सोनम को सशर्त जमानत मिली है। सत्र न्यायालय ने जमानत देते समय शिलांग की ईस्ट खासी हिल्स थाना पुलिस की जांच प्रक्रिया पर प्रश्न उठाए थे। दरअसल, न्यायालय ने पाया गया कि सोनम की गिरफ्तारी के अभिलेख में हत्या की वास्तविक धारा के बजाय असंगत धारा लगा दी गई।

इसके साथ ही सोनम को गिरफ्तारी के समय आरोपित के रूप में उसके अपराध के बारे में भी नहीं बताया गया। इसे सत्र न्यायालय ने कानूनी प्रक्रिया की गंभीर खामी और संविधान में आरोपित को प्राप्त मौलिक अधिकार का उल्लंघन माना। यह भी पाया कि 10 माह में भी मामले की जांच कर रही एसआईटी जांच को पूरा नहीं कर सकी है। सारे गवाहों के बयान भी दर्ज नहीं किए गए हैं।

राजा के भाई बोले- हम भी जाएंगे हाई कोर्ट
इस बीच, राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा है कि वह स्वयं भी सोनम की जमानत खारिज कराने के लिए मेघालय हाई कोर्ट में जाएंगे। इसके लिए याचिका दायर करेंगे। इसके लिए वकील से संपर्क कर लिया है। प्रक्रिया के लिए दस्तावेज भी पहुंचा दिए गए हैं।

एक और अर्जी दायर करने की तैयारी में सोनम रघुवंशी
शिलॉन्ग पुलिस सूत्रों ने बताया कि जमानत के बाद सोनम को वकील की मदद से शिलॉन्ग में किसी सुरक्षित जगह पर रखा गया है। कारण यह है कि सोनम कोर्ट की अनुमति के बगैर शिलॉन्ग नहीं छोड़ सकती है। वहीं, सूत्रों के अनुसार सोनम खुद शिलॉन्ग से बाहर जाने के लिए कोर्ट में अर्जी दायर कर सकती है। इसके लिए वह स्वयं पर हमले का खतरा होने का तर्क दे सकती है। बताया जा रहा है कि उसके वकील की तरफ से इस मामले में तैयारी की जा रही है।

राज पर आज आ सकता है फैसला
शिलॉन्ग पुलिस के राजफाश में सोनम के कथित प्रेमी राज कुशवाह की जमानत पर शुक्रवार को शिलॉन्ग के सत्र न्यायालय का फैसला आ सकता है। सोनम की जमानत को आधार बनाकर राज के वकील योबिन ने कोर्ट में अर्जी लगाई थी। बुधवार को बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया था। योबिन ने बताया कि हमने राज कुशवाहा के लिए जमानत याचिका दायर की थी और कोर्ट ने जमानत के आदेश को सुरक्षित रख लिया है अभी बस, इतना ही है।

अन्य आरोपितों पर भी असर
वहीं, शिलांग पुलिस के राजफाश में सोनम के कथित प्रेमी राज कुशवाह की जमानत पर शुक्रवार को शिलांग की सत्र न्यायालय का फैसला आ सकता है। सोनम की जमानत को आधार बनाकर राज के वकील योबिन ने कोर्ट में अर्जी लगाई है। बुधवार को बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया था।

शिलांग से बाहर जाने की अर्जी दायर कर सकती है सोनम
सोनम की रिहाई की इंदौर से ज्यादा शिलांग में चर्चा हो रही है। मई 2025 में हुई इस घटना से टूरिस्ट प्रभावित हुए थे। मेघालय सरकार को आगे आकर टूरिस्ट को सुरक्षा की गारंटी देनी पड़ी थी। बताया गया है कि जमानत के बाद सोनम को वकील की मदद से शिलांग में किसी सुरक्षित जगह पर रखा गया है। कारण यह है कि सोनम कोर्ट की अनुमति के बगैर शिलांग नहीं छोड़ सकती है। वहीं, सूत्रों के अनुसार, सोनम खुद शिलांग से बाहर जाने के लिए भी कोर्ट अर्जी दायर कर सकती है। इसके लिए वह स्वयं पर हमले का खतरा होने का तर्क दे सकती है।

 

TAGGED: ,
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *