मध्यप्रदेश में कपड़ा उत्पादन और रोजगार के अवसर बढ़े हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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मध्यप्रदेश में कपड़ा उत्पादन और रोजगार के अवसर बढ़े हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
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मध्यप्रदेश में कपड़ा उत्पादन और रोजगार के अवसर बढ़े हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

स्वावलंबन और रोजगार परक उद्योग हमारी पहचान हैं
पीएम मित्रा पार्क से प्रदेश में तीन लाख लोगों को मिलेगा रोजगार
मालवा-निमाड़ अंचल के छह लाख से अधिक कपास उत्पादक किसानों को होगा लाभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए किया आमंत्रित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत मंडपम में भारत टैक्स-2026 कार्यक्रम को किया संबोधित

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। मध्यप्रदेश टैक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करते हुए कपड़ा उत्पादन और रोजगार दोनों को बढ़ा रहा है। टैक्सटाइल इंडस्ट्री से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने धार जिले में देश के पहले पीएम मित्र पार्क की आधारशिला रखी है। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 3 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा और मालवा-निमाड़ अंचल के 6 लाख से अधिक कपास उत्पादक किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। पीएम मित्र पार्क से खेत से लेकर गारमेंट इंडस्ट्री और इंडस्ट्री से वैश्विक बाजार तक प्रदेश के उत्पादों की पहुंच आसान होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योपतियों और निवेशकों को मध्यप्रदेश में अपना उद्योग स्थापित करने का आमंत्रण देते हुए कहा कि एक बार जो मध्यप्रदेश आता है वहीं का होकर रह जाता है। हृदय प्रदेश सभी उद्योगपतियों का स्वागत कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम् में भारत टैक्स-2026 के अंतर्गत आयोजित राउंड टेबल संवाद कार्यक्रम में यह विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर केंद्रीय टैक्टाइल मंत्री गिरिराज किशोर, प्रमुख टैक्टाइल उद्योग प्रतिनिधि, केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के अधिकारी तथा राज्य सरकार के अधिकारी उपस्थित थे।

महेश्वरी और चंदेरी साड़ियां वस्त्र उद्योग में विशेष स्थान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज भारत मंडपम् में वस्त्र उद्योग का कुंभ आयोजित हो रहा है। मध्यप्रदेश सरकार, सभी वैश्विक ब्रांड्स के प्रतिनिधि, निवेशक, उद्योगपति, पॉलिसी मेकर और फैशन डिजाइनर भारत सरकार के संकल्प के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने के लिए तैयार है। वर्तमान समय ब्रांडिंग और पैकेजिंग का है। प्राचीन समय में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने स्थानीय बुनकरों को रोजगार से जोड़ने के लिए महेश्वरी साड़ियां तैयार करने की शुरुआत करवाई थी। महेश्वरी साड़ियां वर्तमान में भी देश-विदेश मे लोकप्रिय है। चंदेरी की साड़ियां भी वस्त्र उद्योग में विशेष स्थान रखती हैं। आज भी स्वावलंबन और रोजगार परक उद्योग हमारी पहचान हैं।

राज्य सरकार ने उद्योगपतियों और निवेशकों से किए पूरे किए सभी वादे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब जरी स्टेट, रेशम स्टेट, मैनमेड फाइबर स्टेट, कॉटन कैपिटल बन चुका है। राज्य में टैक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था, कुशल कामगारों की पर्याप्त उपलब्धता और श्रमिकों के साथ आत्मीय संबंध बेहतर औद्योगिक वातावरण प्रदान करते है। राज्य सरकार ने उद्योगपति और निवेशकों से किए अपने सभी वायदे पूरे किए हैं। सभी सेक्टर्स में उद्योगपतियों और निवेशकों को सब्सिडी के रूप में उनके हक की राशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की जा चुकी है। राज्य सरकार ने मई 2026 तक की सभी देनदारियां चूकता कर दी हैं। प्रदेश सरकार ने डेढ़ साल में लगभग 5500 करोड़ रुपए की राशि उद्योगपतियों को सब्सिडी के रूप में उपलब्ध करायी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने ग्रीन एनर्जी सेक्टर में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की हैं। राज्य में सोलर और पंप स्टोरेज से निर्मित बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है।

राउंड टेबल चर्चा का शुभारंभ उद्योग प्रतिनिधियों द्वारा मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के प्रतिनिधियों के स्वागत से हुआ। प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह ने मध्यप्रदेश के टेक्सटाइल एवं गारमेंट इको सिस्टम, निवेश अवसरों, औद्योगिक नीतियों तथा उपलब्ध सुविधाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव सुआरती कंवर ने भी विशेष संबोधन में वस्त्र क्षेत्र में राज्यों और उद्योगों के बीच समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम का संचालन प्रतिमा सिंटेक्स के प्रबंध निदेशक श्रेयस्कर चौधरी ने किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टेक्सटाइल उद्योग के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठक कर निवेश, उत्पादन, निर्यात और रोजगार सृजन से जुड़े विषयों पर चर्चा की। इस अवसर पर अपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (AEPC), मैनमेड एंड टेक्निकल टेक्सटाइल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (MATEXIL) तथा द कॉटन टेक्सटाइल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (TEXPROCIL) के साथ सहयोग संबंधी एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए गए।

मुख्यमंत्री ने भारत टैक्स-2026 में लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और देश के प्रमुख टेक्सटाइल उद्योग प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल चर्चा में हिस्सा लिया। इस अवसर पर केंद्रीय वस्त्र सचिव श्रीमती नीलम शम्मी राव और औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह सहित केंद्र और राज्य के अधिकारी मौजूद थे।

 

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