काशी को डबल इंजन सरकार ने दी बड़ी सौगात, गंगा और वरुणा के समानांतर दो बड़ी एलिवेटेड रोड निर्माण को मंजूरी

Editor
5 Min Read
काशी को डबल इंजन सरकार ने दी बड़ी सौगात, गंगा और वरुणा के समानांतर दो बड़ी एलिवेटेड रोड निर्माण को मंजूरी
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

काशी को डबल इंजन सरकार ने दी बड़ी सौगात, गंगा और वरुणा के समानांतर दो बड़ी एलिवेटेड रोड निर्माण को मंजूरी

राष्ट्रीय राजमार्ग-19 और वाराणसी रिंग रोड के बीच 14447.64 करोड़ रुपए की लागत से 6 लेन वाला ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा 
 
भव्य-दिव्य वाराणसी में यातायात के दबाव को कम करने के लिए सरकार ने निकाला स्थायी समाधान 

46.039 किलोमीटर लंबी इस परियोजना से पूर्वांचल के यातायात में आएगा सुधार   

 एनएच-19 और काशी रेलवे स्टेशन के बीच यात्रा समय 50 मिनट से घटकर लगभग 25 मिनट हो जाएगा

काशी विश्वनाथ मंदिर तक सुगम पैदल यात्रा के लिए बनेगा हैंगिंग ब्रिज 

वाराणसी
  भव्य और दिव्य काशी में सुगम यातायात के  लिए डबल इंजन सरकार ने लोगों को बड़ी सौगात दी है। गंगा और वरुणा नदी के समानांतर दो बड़ी एलिवेटेड रोड को  मंजूरी मिल गई है। पूर्वांचल में बढ़ते विकास के कारण यातायात के दबाव को कम करने के लिए सरकार ने यह स्थाई समाधान किया है। यह वाराणसी के सामाजिक-आर्थिक और अवसंरचनात्मक परिदृश्य को नया रूप देने के लिए बनाई गई एक बड़ी पहल मानी जा रही है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 और वाराणसी रिंग रोड के बीच हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर 14447.64 करोड़ रुपए की कुल पूंजी लागत से 6 लेन वाले ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर, रैंप/लूप और फुट ओवर ब्रिज के विकास को एनएच(ओ) के तहत मंजूरी दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 और वाराणसी रिंग रोड के बीच गंगा नदी के तट पर कनेक्टिविटी प्रदान करने वाले एक लिंक/ कनेक्टर कॉरिडोर के विकास को मंजूरी दी है। 46.039 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में छह लेन का एलिवेटेड मेन कैरिजवे, एक केबल-स्टे ब्रिज, एक फुट ओवर ब्रिज-कम-मेजर ब्रिज, लूप, रैंप, लिंक रोड और सर्विस रोड शामिल हैं। यह परियोजना हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत कुल 14,447.64 करोड़ रुपए की पूंजी लागत से बनेगी। इसमें 6,037.85 करोड़ रुपए की सिविल निर्माण लागत (यूटिलिटी शिफ्टिंग सहित) और एनएच(ओ) के तहत 541.11 करोड़ रुपए की भूमि अधिग्रहण लागत शामिल है।

सड़क यातायात पर दबाव काफी कम हो जाएगा, समय की होगी बचत 
यह परियोजना एनएच-19 और वाराणसी रिंग रोड के बीच सुगम यातायात  प्रदान करेगी। इससे शहर के सड़क यातायात पर दबाव काफी कम हो जाएगा और आवागमन में सुधार होगा। 80-100 किमी/ प्रतिघंटा की परिचालन गति के लिए डिज़ाइन की गई इस परियोजना से प्रभावित क्षेत्र में औसत यात्रा समय लगभग 60 मिनट से घटकर 20 मिनट तक होने की उम्मीद है। एनएच-19 और काशी रेलवे स्टेशन के बीच यात्रा समय 50 मिनट से घटकर लगभग 25 मिनट हो जाएगा ।  

प्रमुख धार्मिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक स्थलों तक कनेक्टिविटी में काफी  सुधार होगा 
प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप यह कॉरिडोर प्रमुख राजमार्गों, रेलवे स्टेशनों, लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डे और रामनगर आईडब्लूएआई बंदरगाह तक मल्टीमोड कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। इसके साथ ही काशी विश्वनाथ मंदिर, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, नमो घाट, काशी रेलवे स्टेशन   रामनगर किला और वाराणसी के ऐतिहासिक और घाटों सहित प्रमुख धार्मिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक स्थलों तक कनेक्टिविटी में भी काफी  सुधार होगा। यह परियोजना लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार करेगी, सड़क सुरक्षा बढ़ाएगी, पर्यटन और तीर्थयात्रा को सुगम बनाएगी और पूर्वांचल  में क्षेत्रीय आर्थिक विकास को रफ्तार देगी।

माल ढुलाई करना होगा अधिक सुगम
इस कॉरिडोर को वाराणसी और चंदौली के सड़क नेटवर्क पर यातायात के दबाव को कम करने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है। प्रतिवर्ष 15 करोड़ से अधिक पर्यटक और तीर्थयात्री वाराणसी आते हैं। बीएचयू-लंका और सामने घाट के बीच एक एलिवेटेड स्पूर (कनेक्टिंग सड़क ), बीएचयू लंका पर यातायात को सुगम करेगी। यह परियोजना सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाएगी, यातायात को सुचारु रूप से मैनेज करेगी जिससे गाड़ियों की परिचालन लागत में कमी आएगी। इसके अलावा,  यात्री परिवहन और माल ढुलाई को अधिक सुगम बनाएगी। 

पर्यटन और तीर्थयात्रा करने में होगी सुविधा

यह परियोजना बहुआयामी एकीकरण को बढ़ावा देगी, लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार करेगी, पर्यटन और तीर्थयात्रा को सुगम बनाएगी तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में सतत क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी। यह प्रस्तावित गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर एक आधुनिक, उच्च क्षमता वाला शहरी परिवहन कॉरिडोर बनाएगा जो वाराणसी में आवागमन की तस्वीर को बदल देगा। यह कॉरिडोर तेज, सुरक्षित और अधिक विश्वसनीय कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। भीड़ के प्रबंधन को आसान बनाएगा।

TAGGED: ,
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *