8वें वेतन आयोग का बड़ा फायदा, बेसिक पे बढ़ते ही HRA में होगी रिकॉर्ड बढ़ोतरी; समझिए पूरा गणित

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8वें वेतन आयोग का बड़ा फायदा, बेसिक पे बढ़ते ही HRA में होगी रिकॉर्ड बढ़ोतरी; समझिए पूरा गणित
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नई दिल्ली

केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर इस समय 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) पर टिकी हुई है। सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है, क्योंकि इसी के आधार पर बेसिक सैलरी बढ़ेगी और इसके साथ ही कई भत्तों में भी इजाफा होगा। इनमें सबसे अहम हाउस रेंट अलाउंस (HRA) है, जो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी का एक निश्चित प्रतिशत होता है, यानी जितनी ज्यादा बेसिक सैलरी होगी, उतना ही अधिक HRA भी मिलेगा।

फिलहाल, 7वें वेतन आयोग के तहत HRA को तीन सिटी कैटेगिरी में बांटा गया है। X कैटेगरी (बड़े महानगर) में कर्मचारियों को बेसिक पे का 30%, Y कैटेगरी में 20% और Z कैटेगरी में 10% HRA मिलता है। अगर 8वें वेतन आयोग में HRA की यही व्यवस्था जारी रहती है और केवल बेसिक सैलरी बढ़ती है, तो कर्मचारियों के हाथ में आने वाली कुल सैलरी में भी बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा।

उदाहरण के तौर पर लेवल-4 के एक केंद्रीय कर्मचारी को लें। अगर 2.0 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है और उसकी बेसिक सैलरी बढ़कर ₹51,000 हो जाती है, तो X शहर में उसे ₹15,300, Y शहर में ₹10,200 और Z शहर में ₹5,100 प्रति माह HRA मिल सकता है, यानी केवल HRA के जरिए ही कर्मचारियों की मासिक आय में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हो जाएगी।

अगर सरकार 2.5 फिटमेंट फैक्टर लागू करती है और बेसिक सैलरी ₹63,750 तक पहुंचती है, तो HRA भी उसी अनुपात में बढ़ जाएगा। ऐसे में X शहर के कर्मचारियों को लगभग ₹19,125, Y शहर में ₹12,750 और Z शहर में ₹6,375 प्रति माह HRA मिल सकता है। यह मौजूदा HRA की तुलना में काफी अधिक होगा।

वहीं, अगर कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग के मुताबिक 3.0 फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है और बेसिक पे ₹76,500 हो जाती है, तो HRA भी नई ऊंचाई पर पहुंच जाएगा। इस स्थिति में X शहर में ₹22,950, Y शहर में ₹15,300 और Z शहर में ₹7,650 प्रति माह HRA मिलने का अनुमान है। इससे कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

हालांकि, यह समझना जरूरी है कि फिटमेंट फैक्टर सीधे HRA पर लागू नहीं होता। यह केवल बेसिक सैलरी बढ़ाता है और HRA उसी नई बेसिक सैलरी के प्रतिशत के रूप में तय होता है। इसलिए फिटमेंट फैक्टर जितना अधिक होगा, HRA भी उतना ही बढ़ेगा। फिलहाल, ये सभी आंकड़े केवल अनुमान और उदाहरण के तौर पर हैं। अंतिम फैसला 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।

8वें वेतन आयोग में अगर फिटमेंट फैक्टर 2, 2.5 या 3 में से किसी भी स्तर पर बढ़ता है, तो इसका फायदा सिर्फ बेसिक सैलरी तक सीमित नहीं रहेगा। HRA समेत कई अन्य भत्तों में भी बढ़ोतरी होगी, जिससे केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की मासिक आय में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। यही वजह है कि लाखों कर्मचारी अब आयोग की सिफारिशों और सरकार के अंतिम फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

 

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