लॉरेंस बिश्नोई पर FBI की नजर? अमेरिका ले जाए जाने की चर्चा, फरार पंजाब पुलिस इंस्पेक्टर भी जांच के दायरे में

Editor
7 Min Read
लॉरेंस बिश्नोई पर FBI की नजर? अमेरिका ले जाए जाने की चर्चा, फरार पंजाब पुलिस इंस्पेक्टर भी जांच के दायरे में
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

चंडीगढ़

अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के आरोपित गैंग्स्टर लारेंस बिश्नोई के प्रत्यर्पण की मांग करेगा। साथ ही अमेरिका में 4 लाख डालर की रंगदारी के मामले में आरोपित गुरिंदरजीत सिंह नागरा के प्रत्यर्पण की भी मांग की जाएगी। फिलहाल लारेंस बिश्नोई गुजरात की साबरमती सेंट्रल जेल में बंद है।

इस घटनाक्रम के बीच पंजाब पुलिस के कुछ अधिकारियों से जुड़े विवाद और वीरता पदकों को लेकर उठ रहे सवाल भी एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, गुरिंदरजीत सिंह नागरा पर आरोप है कि उसने लारेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया गिरोह के साथ मिलकर अमेरिका में रहने वाले परिवारों को निशाना बनाया और 4 लाख डालर की रंगदारी के मामले में भूमिका निभाई।

कनाडाई नागरिक हरदीप सिंह निज्जर की 18 जून 2023 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे शहर में हत्या कर दी गई थी। बिश्नोई और नागरा के प्रत्यर्पण के संबंध में पूछे गए सवाल पर कैलिफोर्निया स्थित अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय के पब्लिक अफेयर्स अधिकारी सियारन मैकएवाय ने केवल इतना कहा, "हां, इससे अधिक कोई टिप्पणी नहीं।

बिश्नोई गैंग पर एक्शन, रडार पर खाकी
अमेरिका, कनाडा और यूरोप की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने हाल ही में संयुक्त अभियान चलाकर 24 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 11 गिरफ्तारियां कैलिफोर्निया में हुईं। अमेरिकी न्याय विभाग ने आपरेशन हार्डबॉल के तहत कुल 37 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है।

वहीं, बिश्नोई के करीबी गोल्डी बराड़ पर भी निज्जर की हत्या का आदेश देने का आरोप लगाया गया है और एफबीआई ने उसकी गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने वाले के लिए 50 हजार डॉलर के इनाम की घोषणा की है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच पंजाब पुलिस के कुछ अधिकारियों की भूमिका भी सुर्खियों में रही है।

उधर हाल ही में पंजाब पुलिस के इंस्पेक्टर गुरजिंदर सिंह को निलंबित किया गया था। वहीं, एक गैलंट्री अवार्ड से सम्मानित पंजाब पुलिस इंस्पेक्टर, जो एक मामले में नाम आने के बाद फरार चल रहा है, भी जांच एजेंसियों के रडार पर है।

हत्या के दोषी, फिर भी पदक बरकरार
इसी बीच पंजाब के बहुचर्चित जसवंत सिंह खालड़ा हत्याकांड में दोषी करार दिए जा चुके पुलिस अधिकारियों के वीरता पदकों का मामला भी फिर चर्चा में है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 29 मई 2007 को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश जारी किए थे कि जिन पुलिस अधिकारियों का आचरण पुलिस बल की प्रतिष्ठा को धूमिल करता है या जिन्हें गंभीर आपराधिक मामलों में दोषी ठहराया गया है, उनके वीरता पदक वापस लेने की सिफारिश की जाए।

इसके बावजूद खालड़ा हत्याकांड में दोषी ठहराए गए पूर्व इंस्पेक्टर सुरजीत सिंह और पूर्व हेड कांस्टेबल जसपाल सिंह के राष्ट्रपति पुलिस पदक (वीरता) अब तक वापस नहीं लिए गए हैं।

एफबीआई की कार्रवाई से नई बहस छिड़ी
सीबीआई जांच और लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद दोनों को जसवंत सिंह खालड़ा के अपहरण, अवैध हिरासत, हत्या और साक्ष्य नष्ट करने के मामले में दोषी ठहराया गया था। अदालत ने पूर्व एसएसपी अजयब सिंह पूनिया, पूर्व सब-इंस्पेक्टर बलदेव सिंह सहित अन्य आरोपितों को भी विभिन्न धाराओं में सजा सुनाई थी।

इसके बावजूद वीरता पदक वापस लेने की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है। ऐसे में अमेरिका की गैंगस्टर नेटवर्क पर कार्रवाई और पंजाब में पुलिस अधिकारियों से जुड़े लंबित मामलों ने कानून-व्यवस्था तथा जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

लॉरेंस बिश्नोई भारतीय जेल में ही रहेगा
उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार अभी तक अमेरिका की ओर से कूटनीति स्तर पर लॉरेंस बिश्नोई के प्रत्यर्पण का कोई अनुरोध नहीं आया है। लेकिन अमेरिकी अदालत में चार्जशीट को देखते हुए निकट भविष्य में अनुरोध आना सुनिश्चित माना जा रहा है।

लेकिन 1997 की अमेरिका के साथ हुई प्रत्यर्पण संधि के अनुसार ट्रायल और सजा पूरी होने के बाद ही उसे सौंपा जा सकता है और इसमें कोई बदलाव संभव नहीं है।

बिश्नोई पर हत्या और जबरन बसूली के 80 से अधिक मामले विभिन्न अदालतों में चल रहे हैं। जवाहर नेहरू विश्वविद्यालय के स्कूल आफ इंटरनेशनल स्टडीज की प्रोफेसर अंशु जोशी के अनुसार प्रत्यर्पण में देरी होने के बावजूद अमेरिका के साथ कूटनीतिक संबंधों को देखते हुए भारत निज्जर हत्याकांड की जांच में पूरा सहयोग कर सकता है।

सजा पूरी होने पर ही अमेरिका प्रत्यर्पित होगा
इसके तहत अमेरिकी जांच कर्ताओं को लॉरेंस बिश्नोई से जेल के भीतर पूछताछ की इजाजत भी दी सकती है। मुंबई आतंकी हमले के आरोपित हेविड कोलमैन हेडली और तहव्वुर राणा से जेल में पूछताछ की इजाजत अमेरिका ने दी थी। भारत से एनआइए की टीम ने अमेरिका जाकर दोनों का बयान भी दर्ज किया था।

वहीं सुरक्षा एजेंसी से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारियों ने साबरमती जेल में बंद होने के बाद लॉरेंस बिश्नोई द्वारा अंतरराष्ट्रीय अपराधी गिरोह का संचालन करने, जबरन वसूली का रैकेट चलाने और हत्या कराने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि तिहाड़ या पंजाब के किसी जेल में रहते हुए लॉरेंस बिश्नोई के इन गतिविधियों में शामिल रहने की बात सही है। लेकिन साबरमती जेल में उसे पूरी तरह से अलग-थलग रखा गया है और उसपर 24 घंटे की निगरानी रहती है।

कैसे हुई थी निज्जर की हत्या?
निज्जर की हत्या 18 जून 2023 को कनाडा में हुई थी और लॉरेंस बिश्नोई 18 अगस्त 2023 से साबरमती जेल में है। जाहिर है निज्जर की हत्या की साजिश साबरमती जेल में जाने से पहले रची गई होगी। एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत खुद गैंगस्टर, अपराधी और तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने की कोशिश में जुटा है।

खासतौर पर कई देशों में फैला इनका नेटवर्क भारत की सुरक्षा के लिए खुद भी खतरा है। ऐसे में भारतीय एजेंसियां इन गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई में एफबीआई समेत दुनिया के अन्य एजेंसियों के साथ सहयोग कर रही है। खुद एफबीआई ने भी अपनी चार्जशीट में भारतीय एजेंसियों का पूरा सहयोग मिलने का दावा किया है।

 

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *