राजस्थान में कमजोर पड़ा मानसून, अगले एक सप्ताह तक अच्छी बारिश के आसार नहीं

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जयपुर
 राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर पड़ गया है। प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक अच्छी बारिश होने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग ने राजस्थान के अधिकतर हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान जताया है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं चलीं, जबकि ज्यादातर क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहा। इस दौरान फलोदी में राज्य का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अजमेर में न्यूनतम तापमान 24.9 डिग्री सेल्सियस रहा।

एक सप्ताह मौसम शुष्क रहने की संभावना
जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश भागों में आगामी 7 दिन तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है। वहीं, पूर्वी राजस्थान के भी अधिकांश क्षेत्रों में अगले 5 से 6 दिनों तक मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। 14 और 15 जुलाई को बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और आसपास के जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।

उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में 16 और 17 जुलाई को छिटपुट बौछारें गिरने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश भागों में आगामी 2 से 3 दिन के दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी हवाएं चलने की प्रबल संभावना है।

राजस्थान में इस कारण नहीं हो रही अच्छी बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक मजबूत मानसूनी परिसंचरण की कमी और ऊपरी वायुमंडलीय प्रणालियों के सक्रिय नहीं होने के कारण राजस्थान में मानूसन आगमन के बावजूद अच्छी बारिश का दौर देखने को नहीं मिल रहा है। जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार एक सप्ताह तक मानसून के कमजोर रहने की संभावना है।

हालांकि, 20 जुलाई के आसपास बंगाल की खाड़ी में नई मौसम प्रणाली बनने के संकेत मिल रहे हैं। इसके सक्रिय होने के बाद राजस्थान में मानसून दोबारा जोर पकड़ सकता है और कई जिलों में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। अच्छी बारिश होने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलेगी तो किसानों के चेहरे भी खिलेंगे।

राजस्थान के सबसे अधिक बारिश वाले 10 वर्ष
मौसम विभाग के सूत्रों की मानें तो राजस्थान में इस वर्ष जुलाई और अगस्त माह में अच्छी बारिश होने की उम्मीद कम है। सितंबर माह में प्रदेश से दक्षिण पश्चिमी मानसून की विदाई से पहले प्रदेश में मानसून मेहरबान हो सकता है। राजस्थान में इस बार मानसून का एंट्री 7 दिन की देरी के साथ 2 जुलाई 2026 को हुई थी। 27 साल में जुलाई माह में मानसून का यह 8वीं बार प्रवेश है। इससे पहले वर्ष 2019 में मानसून का आगमन 2 जुलाई को ही हुआ था।

राजस्थान में ​​पिछले 124 वर्ष (1901 से 2025) में 1917 में सबसे अधिक 844.2 मिमी बारिश हुई थी। यह सामान्य वर्षा से 94 प्रतिशत अधिक थी। 2025 इस सूची में शामिल होने वाला सबसे नया वर्ष है। 715.9 मिमी बारिश के साथ यह राजस्थान के इतिहास का दूसरा सबसे अधिक वर्षा वाला मानसून बना। राजस्थान में सामान्य वर्षा 435.6 मिमी मानी जाती है।

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