बिहार की जीविका दीदियों को मिलेगा सुधा बूथ, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे

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पटना
बिहार सरकार अब मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से जुड़ी जीविका दीदियों को पंचायतों में सुधा बूथ देगी।

इसके लिए सभी 8053 पंचायतों में बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन एवं जीविका के बीच करार होगा। पहल से रोजगार सृजन होगा।

इसके लिए महिलाओं को 60 हजार रुपये सरकार देगी। वहीं, जीविका दीदियों को 15 हजार रुपये अंशदान पूंजी लगानी होगी।

प्रत्येक लाभार्थी को दी जाएगी 60 हजार रुपये की वित्तीय सहायता
वर्तमान में करीब 13 लाख से भी अधिक जीविका समूह हैं। इन समूहों से एक करोड़ 81 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। राज्य सरकार ने इन महिलाओं को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का लाभ दिया है।

तत्कालीन सरकार के वादों के अनुसार योजना से जुड़ीं महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कई प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों के फलस्वरूप ग्राम पंचायतों में जीविका-सुधा बिक्री केंद्र स्थापित करने की तैयारी है।

ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों का मानना है कि पंचायतों में जीविका के हाथों संचालित इस डेयरी से जहां स्थानीय लोगों को दूध और उसके अलग-अलग उत्पाद मिल सकेंगे। वहीं, महिलाओं के लिए स्वरोजगार सृजन की नई राह बनेगी।

पंचायतों में खोले जाने वाले जीविका सुधा केंद्र के तहत प्रत्येक लाभुक को 60 हजार रुपये की वित्तीय मदद दी जाएगी।लाभार्थी महिला स्वयं के अंशदान के रूप में 15 हजार रुपये डेयरी के संचालन में खर्च करेगी।

इस पूंजी का उपयोग डीप फ्रीजर, वीसी कूलर, परिवहन सहायता सहित डेयरी उत्पादों की खरीद सहित अन्य आवश्यक पूंजीगत व्ययों के लिए किया जाएगा, जिससे बिक्री केंद्र का सफल संचालन सुनिश्चित हो सके।

योजना का लाभ लेने के लिए जीविका से जुड़ाव जरूरी
योजना का लाभ लेने की इच्छुक महिला के लिए जीविका स्वयं सहायता समूह की सदस्य होने के साथ-साथ मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की लाभार्थी होना अनिवार्य है।

साथ ही आवेदक महिला से जुड़ी जानकारी लोकोस एप्लीकेशन पर उपलब्ध हो और समूह से प्राप्त ऋण का कोई बकाया ना हो। इसके अलावा संबंधित महिला के पंचायत क्षेत्र में स्वयं की अथवा किराए की दुकान हो।

दुकान का क्षेत्रफल न्यूनतम 70 वर्ग फीट होना अनिवार्य होगा। बिजली की समुचित व्यवस्था एवं सड़क संपर्क उपलब्ध होना भी जरूरी है।

लाॅटरी से होगा चयन
योजना के अंतर्गत प्रत्येक पंचायत में जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं इच्छुक महिलाएं आवेदन करेंगी। प्राप्त आवेदनों के आधार पर संबंधित जीविका महिला संकुल स्तरीय संघ (सीएलएफ) की ओर से निर्धारित मानकों के अनुसार पात्र महिला का सत्यापन होगा। इसके बाद सत्यापित पात्र महिलाओं का चयन प्रखंड स्तर पर रैंडमाइज्ड लाटरी के माध्यम से किया जाएगा।

मंत्री ने कही ये बात
जीविका की दीदियों को हर हाल में रोजगार/स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। उन्हें सशक्त बनाने की पहल की जा रही है। इससे प्रत्येक पंचायत स्तर पर सुधा के उत्पादों की पहुंच होगी। सुधा सहकारिता का विकास एवं विस्तार होने से डेयरी उत्पादन से जुड़े किसान भी आर्थिक रूप से समृद्ध हो पाएंगे।
श्रवण कुमार, मंत्री, ग्रामीण विकास तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग

 

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