14 जुलाई को पंजाब के टोल प्लाजा रहेंगे फ्री, जानिए क्या है इसकी बड़ी वजह

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14 जुलाई को पंजाब के टोल प्लाजा रहेंगे फ्री, जानिए क्या है इसकी बड़ी वजह
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खरड़ 
 एस.के.एम. गैर-राजनीतिक भारत के नेशनल कन्वीनर और भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के प्रधान जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा है कि लैंड मॉर्गेज बैंक की कथित धोखाधड़ी के शिकार किसानों को इंसाफ दिलाने, लैंड पूलिंग पॉलिसी का विरोध करने और किसानों की दूसरी मांगों के समर्थन में 14 जुलाई को पूरे पंजाब में टोल प्लाजा फ्री कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा लाई गई लैंड पूलिंग पॉलिसी के जरिए किसानों की उपजाऊ जमीनों को हासिल करने की कोशिश की जा रही है।    

30 मार्च से लैंड मॉर्गेज बैंक मामले में इंसाफ की मांग को लेकर पंजाब के 12 जिलों में बैंक की मेन ब्रांचों के सामने विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। फरीदकोट के गांव हरी नौ के किसान परिवार के लिए इंसाफ की मांग भी आंदोलन का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय आंदोलन कर रहे किसानों पर दबाव डाला जा रहा है। 

गैर-राजनीतिक संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक और भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धूपुर) के अध्यक्ष डल्लेवाल ने एक बयान में आरोप लगाया कि भगवंत मान सरकार उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण कर उसे कॉरपोरेट घरानों को सौंपने के उद्देश्य से भू-संग्रहण नीति लेकर आई है। इस नीति से किसानों की जमीन उनसे छिन जाएगी। इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।

डल्लेवाल ने फरीदकोट जिले के हरि नौ गांव के एक किसान की आत्महत्या का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि बैंक अधिकारियों के उत्पीड़न से तंग आकर किसान ने यह कदम उठाया। किसान नेता ने आरोप लगाया कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय राज्य प्रशासन पुलिस के जरिए आंदोलन कर रहे किसानों को डराने-धमकाने का प्रयास कर रहा है।

डल्लेवाल ने मांग की कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते से कृषि, डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्रों को बाहर रखा जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह समझौता भारतीय किसानों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा और इसे रद्द किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि 14 जुलाई को टोल प्लाजा फ्री करके सरकार के खिलाफ विरोध जताया जाएगा। इसके साथ ही लैंड पूलिंग पॉलिसी को रद्द करने और भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से कृषि, डेयरी और पोल्ट्री सेक्टर को बाहर रखने की भी मांग उठाई जाएगी। 

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