झारखंड में 47 लाख मतदाता अनमैप्ड, चुनाव आयोग ने जारी की महत्वपूर्ण सूची

Editor
3 Min Read
झारखंड में 47 लाख मतदाता अनमैप्ड, चुनाव आयोग ने जारी की महत्वपूर्ण सूची
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

 रांची
 राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान राज्य के कुल 2,17,27,827 मतदाताओं में से 47,35,409 (17.89 प्रतिशत) अभी भी अन-मैप्ड हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने गुरुवार को बताया कि इन अन-मैप्ड मतदाताओं की सूची सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को उपलब्ध करा दी गई है और आम जनता के लिए भी इसे वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है।

के.रवि कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन मतदाताओं की मैपिंग पिछले एसआइआर से हो चुकी है उन्हें कोई अन्य दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। केवल अन-मैप्ड मतदाताओं को ही अपने नए इन्यूमरेशन फार्म में पिछले एसआइआर से मैपिंग का विवरण अनिवार्य रूप से भरना होगा।

सबसे अहम बात यह है कि पिछले एसआइआर की मतदाता सूची को सुपीरियर डाक्यूमेंट माना गया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि एसआइआर की प्रक्रिया तेज गति से चल रही है।

पिछले 10 दिनों में ही बूथ लेवल अधिकारियों ने राज्य के 66.25 प्रतिशत (कुल 1,75,31,915) मतदाताओं तक घर-घर पहुंचकर इन्यूमरेशन फार्म उपलब्ध करा दिया है। इस अभियान में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

मतदाता सूची में अपना नाम और मैपिंग स्टेटस कैसे जांचें?
यदि आप झारखंड के मतदाता हैं और अपना स्टेटस चेक करना चाहते हैं, तो इन आसान तरीकों का उपयोग कर सकते हैं:

    आधिकारिक वेबसाइट: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO), झारखंड की आधिकारिक वेबसाइट (ceojharkhand.nic.in) पर जाकर अन-मैप्ड मतदाताओं की सूची में अपना नाम देख सकते हैं।
    Voter Helpline App: एंड्रॉइड या आईओएस ऐप के जरिए भी अपने वोटर कार्ड की स्थिति जांची जा सकती है।
    टोल-फ्री नंबर: किसी भी प्रकार की असुविधा या जानकारी के लिए चुनाव आयोग के हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं।

अन-मैप्ड मतदाताओं को अब क्या करना होगा?
यदि आपका नाम अन-मैप्ड सूची में है, तो घबराने की जरूरत नहीं है।

    जब बीएलओ (BLO) आपके घर इन्यूमरेशन फॉर्म (Enumeration Form) लेकर आएं, तो उसमें अपनी पिछली मतदाता सूची (एसआइआर) का विवरण और आवश्यक दस्तावेज अनिवार्य रूप से भरें।
    चूंकि पिछले एसआइआर को 'सुपीरियर डॉक्यूमेंट' (सर्वोच्च दस्तावेज) माना गया है, इसलिए पुराना सही विवरण देने मात्र से ही आपकी मैपिंग आसानी से दुरुस्त हो जाएगी।

 

TAGGED: ,
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *