MP के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, नए टैरिफ में कंपनियों की मनमानी पर लगेगी लगाम

Editor
2 Min Read

भोपाल

मध्य प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है. राज्य सरकार और विद्युत नियामक आयोग ने नए रिटेल सप्लाई टैरिफ 2026-27 को मंजूरी दे दी है. इस नए टैरिफ में ‘प्रो-राटा’ (Proportional) बिलिंग व्यवस्था को अनिवार्य कर दिया गया है. इस नए नियम के लागू होने से अब बिजली कंपनियों की मनमानी पर पूरी तरह रोक लगेगी और मीटर रीडिंग में होने वाली देरी का खामियाजा उपभोक्ताओं को नहीं भुगतना पड़ेगा। 

अक्सर देखा जाता था कि बिजली कंपनियां 30 दिन के बजाय 35 या 40 दिन में मीटर रीडिंग लेती थीं, जिससे उपभोक्ताओं की यूनिट बढ़ जाती थी और वे महंगे स्लैब के दायरे में आ जाते थे. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। 

दिनों के अनुपात में बढ़ेगा स्लैब
अगर मीटर रीडिंग 30 दिन के बाद ली जाती है, तो 30 दिन वाले स्लैब को रीडिंग के दिनों के अनुपात में बढ़ा दिया जाएगा. अगर मीटर रीडिंग में 6 दिन की देरी होती है, तो स्लैब को 36 दिनों के अनुपात में बढ़ाकर लागू किया जाएगा। 

उपभोक्ताओं को अतिरिक्त यूनिट के कारण अब महंगे स्लैब का वित्तीय नुकसान नहीं सहना होगा. 30 दिन से ऊपर रीडिंग होने पर भी आपकी जेब ढीली नहीं होगी। 

गरीब उपभोक्ताओं को बड़ी राहत
एलवी-1.1 (LV-1.1) कैटेगरी के ऐसे उपभोक्ता जिनका स्वीकृत लोड 100 वाट तक है और मासिक खपत 30 यूनिट से कम रहती है, उनका फिक्स्ड चार्ज पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है. अब इन उपभोक्ताओं से कोई फिक्स्ड चार्ज नहीं वसूला जाएगा। 

अस्थाई बिजली कनेक्शनों को लेकर दरें साफ:

*नए रिटेल सप्लाई टैरिफ में अस्थायी बिजली कनेक्शनों को लेकर भी दरें साफ कर दी गई हैं.

*सामान्य अस्थायी बिजली कनेक्शन पर अब घरेलू दर से 1.25 गुना अधिक ऊर्जा शुल्क (Energy Charge) देना होगा.

*शादी-ब्याह, सामाजिक या धार्मिक आयोजनों के लिए लिए जाने वाले अस्थायी कनेक्शन के लिए 8.94 रुपये प्रति यूनिट की दर से ऊर्जा शुल्क तय किया गया है, जिसके साथ फिक्स्ड चार्ज अलग से देना होगा। 

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live