हरियाणा में बुजुर्गों को राहत, पीपीपी जन्मतिथि सत्यापन से नहीं रुकेगी पेंशन

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हरियाणा में बुजुर्गों को राहत, पीपीपी जन्मतिथि सत्यापन से नहीं रुकेगी पेंशन
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चंडीगढ़
 हरियाणा में परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में जन्मतिथि सत्यापन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद हजारों बुजुर्गों में यह आशंका पैदा हो गई थी कि यदि उनके पास उम्र साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेज नहीं हुए तो उनकी वृद्धावस्था सम्मान भत्ता पेंशन बंद हो सकती है।

सरकार ने अब इस चिंता को दूर करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर ऐसी वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की जा रही है, जिससे किसी भी पात्र बुजुर्ग की पेंशन केवल दस्तावेजों के अभाव में नहीं रुकेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों की जन्मतिथि का सत्यापन अभी बाकी है, उन्हें पहले की तरह नियमित रूप से पेंशन मिलती रहेगी।

हरियाणा सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन बुजुर्गों की थी, जिनका जन्म कई दशक पहले हुआ था और जिनके पास जन्म प्रमाण पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र या अन्य सरकारी रिकार्ड उपलब्ध नहीं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे मामलों की संख्या काफी अधिक है। इसे देखते हुए सरकार ने बीच का रास्ता निकालते हुए नई व्यवस्था पर काम शुरू किया है।

बुजुर्ग की आयु का होगा सत्यापन
नई व्यवस्था के तहत यदि किसी बुजुर्ग के पास जन्मतिथि सत्यापित करने के लिए निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, तो परिवार पहचान पत्र में दर्ज उसके सबसे बड़े बेटे या बेटी के जन्म संबंधी रिकार्ड के आधार पर बुजुर्ग की आयु का सत्यापन किया जा सकेगा।

परिवार पहचान पत्र प्राधिकरण के कार्डिनेटर डा. सतीश खोला ने बताया कि इसके लिए जरूरी होगा कि बड़ी संतान का नाम परिवार पहचान पत्र में दर्ज हो तथा उसकी जन्मतिथि पहले से सत्यापित हो। इस व्यवस्था से हजारों ऐसे लाभार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो केवल दस्तावेजों की कमी के कारण परेशान थे।

सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल जन्मतिथि सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है और इसका सीधा संबंध पेंशन भुगतान से नहीं है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश हैं कि कोई भी पात्र नागरिक केवल सत्यापन प्रक्रिया लंबित होने के कारण सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं होगा।

जन्मतिथि सत्यापन के लिए चाहिएं पांच प्रमुख दस्तावेज
वर्तमान में जन्मतिथि सत्यापन के लिए पांच दस्तावेज मान्य हैं। इनमें जन्म प्रमाण पत्र, दसवीं कक्षा की मार्कशीट, वर्ष 2019 तक बना मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट तथा पेंशन पेमेंट आर्डर (पीपीओ) शामिल हैं।

जिन लाभार्थियों के पास इनमें से कोई भी दस्तावेज उपलब्ध है, उन्हें सरकार की ओर से भेजे गए संदेश के अनुसार 30 दिनों के भीतर संबंधित दस्तावेज परिवार पहचान पत्र पोर्टल पर अपलोड करने होंगे।

परिवार पहचान पत्र प्राधिकरण के कार्डिनेटर डा. सतीश खोला के अनुसार दिसंबर तक परिवार पहचान पत्र में दर्ज सभी महत्वपूर्ण जानकारियों को अपडेट और सत्यापित करने का लक्ष्य रखा गया है।

हरियाणा सरकार का उद्देश्य किसी भी पात्र व्यक्ति की पेंशन या अन्य सरकारी सुविधा बंद करना नहीं, बल्कि रिकार्ड को अधिक प्रमाणिक बनाना है ताकि भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी विवाद और रुकावट के पात्र लोगों तक आसानी से पहुंचता रहे।

 

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