रांची के सरकारी स्कूलों में प्रोजेक्ट टीम से शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव

Editor
5 Min Read
रांची के सरकारी स्कूलों में प्रोजेक्ट टीम से शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

रांची
 जिला स्तरीय प्रोजेक्ट टीम (टेस्टिंग, इवेल्यूएशन, असेसमेंट एंड मेंटरिंग) से सरकारी विद्यालयों की रूपरेखा बदल रही है। पहली जुलाई को जिले के 2100 सरकारी विद्यालयों में प्रोजेक्ट टीम के तहत आयोजित परीक्षा में डेढ़ लाख बच्चे शामिल हुए।

शिक्षा विभाग द्वारा शुरू की गई इस पहल का फलाफल सामने आने लगा है। प्रोजेक्ट टीम के तहत विद्यालयों में टेस्टिंग, इवेल्युएशन, असेसमेंट एंड मेंटरिंग को गति दी जा रही है। इसके तहत प्रोजेक्ट टीम का गठन भी किया गया है, जिसकी मदद से लगातार विद्यालयों की मानिटरिंग की जा रही है।

जिला स्तरीय नोडल पदाधिकारी चिन्हित
इस प्रोजेक्ट को नियंत्रित और निर्देशित करने के लिए जिला स्तरीय नोडल पदाधिकारी भी चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें नामित करते हुए निर्देशित कार्यों में सहयोग करने के लिए प्राधिकृत किया गया है। नोडल पदाधिकारी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रोजेक्ट टीम को संचालित कर रहे हैं।

बता दें कि राज्य द्वारा संचालित रेल (रेगुलर असेसमेंट फार इंप्रूव्ड लर्निंग), एसए 1, एसए 2, आठवीं बोर्ड एवं जिले द्वारा संचालित विभिन्न परीक्षाओं जैसे प्री-एसए 1, एसए 2 और प्री-आठवीं बोर्ड की परीक्षा के सफल संचालन एवं शत प्रतिशत छात्रों की उपस्थिति, प्रश्नपत्रों को विद्यालयों को उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कार्यक्रम में प्राथमिकता के आधार पर समाहित किया गया है।

मासिक मूल्यांकन में हो रही ये पहलें
    जांच परीक्षा, जेसीईआरटी के द्वारा उपलब्ध कराई गई समय सारिणी एवं प्रश्नपत्र के अनुसार संचालन
    आइडियल एनईपी 2020 के पाठ्यक्रम को ससमय पूर्ण कराते हुए रेल परीक्षा के लिए छात्रों को तैयार करना
    शत प्रतिशत छात्रों की उपस्थिति, छात्रों की संख्या की प्रविष्टि ई-विद्यावाहिनी ऐप पोर्टल के संबंधित खंड में समाहित करना
    परीक्षा के बाद छात्र-छात्राओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन परीक्षा समाप्ति के एक सप्ताह के अंदर करते हुए प्राप्तांकों को रजिस्टर और ई-विद्यावाहिनी ऐप पोर्टल में अनिवार्य रूप से अपलोड करना
    छात्र-छात्राओं के परीक्षाफल से संबंधित जानकारी पीटीएम में साझा करना
    परीक्षा में निम्न प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षकों द्वारा विशेष शिक्षण योजना तैयार कर क्रियान्वित करना
    परीक्षा में छात्रों की उपस्थिति से संबंधित डेटा का विद्यालय वार समीक्षा प्रखंड के नोडल के द्वारा करते हुए जिला नोडल पदाधिकारी के माध्यम से विभाग को उपलब्ध कराना
    डीडीओ, डिस्ट्रिक्ट एपीओ, डिस्ट्रिक्ट एमआइएस, ब्लाक नोडल टीचर, बीपीओ, बीआरपीएस, सीआरपी द्वारा परीक्षा अवधि में विद्यालय भ्रमण करते हुए प्रतिवेदन नोडल पदाधिकारी के माध्यम से विभाग को उपलब्ध कराना शामिल है।

इस पहल से ये मिल रहा लाभ
इस पहल से सभी विद्यालयों में परीक्षा सुनिश्चित कराने में जहां मदद मिल रही है वहीं, शत-प्रतिशत छात्रों की उपस्थिति भी अनिवार्य रूप से मानिटर हो पा रही है। क्वेश्चन सेटर ग्रुप के द्वारा सभी वर्गों के लिए विषयवार प्रश्न पत्रों का निर्माण कराया जा रहा है। परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सभी विद्यालयों को उपलब्ध कराया जा रहा है।

सभी विद्यालय अपने उपलब्ध संसाधन के अनुसार छात्रों को प्रश्नपत्र उपलब्ध करा रहे हैं, या ब्लैकबोर्ड पर लिखकर बच्चों के समक्ष दे रहे हैं। परीक्षा के बाद छात्र-छात्राओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन परीक्षा समाप्ति के तीन दिनों के अंदर करते हुए प्राप्तांकों को विद्यालय के रजिस्टर और विभाग को भेजा जाएगा।

डेटा का विद्यालयवार समीक्षा
परीक्षा में छात्रों की उपस्थिति से संबंधित डेटा का विद्यालयवार समीक्षा प्रखंड के नोडल के द्वारा करते हुए जिला नोडल पदाधिकारी के माध्यम से विभाग को उपलब्ध कराया जा रहा है।

जिला नोडल पदाधिकारी, जिले के नामित विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए प्रश्न पत्रों का निर्माण कराने के लिए प्राधिकृत हैं। इसका सीधा लाभ आठवीं बोर्ड के वैसे परीक्षार्थियों को भी मिलेगा जिन्हें किसी कारणवश प्रश्न पत्र या अंकपत्र नहीं मिलने की शिकायत रहती है।

 

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *