ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स में भारत एक पायदान फिसला, 125वें स्थान पर पहुंचा

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नई दिल्ली
ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स में भारत पिछले साल के मुकाबले एक पायदान फिसलकर 125वें स्थान पर पहुंच गया है। ग्लोबल सिटिजन स़ल्यूशन (GCS) की ओर से जारी पांचवीं एनुअल रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत से पहले नामीबिया 124वें स्थान पर है। वहीं अजरबैजान 126वें स्थान पर है। ज्यादातर पासपोर्ट रैंकिंग वीजा फ्री ट्रैवल के आधार पर तय की जाती है। लेकिन ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स में पासपोर्ट की मजबूती ग्लोबल मोबिलिटी, निवेश की क्षमता और जीवन की गुणवत्ता को ध्यान में रखकर तय की जाती है

2021 के मुकाबले 2 स्थानों का सुधार
इस रैंकिंग में कुल 197 देशों में भारत 125वें स्थान पर है। पिछले सा भारत 124वें स्थान पर था। वहीं 2021 में यह 127वें रैंक पर था। ऐसे में अगर 2021 से अब तक के रिकॉर्ड पर गौर करें तो भारत की स्थिति में दो पायदान का सुधार हुआ है। इसके अलावा भारत का कंपोजिट स्कोर भी 45.1 पर पहुंच गया है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत 26 देशों को लोगों को वीजा फ्री एंट्री देता है। इनमें भूटान, जमायका, मकाओ, नेपाल, फिलिस्तीन, ट्यूनीशिया और अंगोला शामिल हैं।

वहीं भारत के लोगों को अब भी 88 देशों में वीजा की जरूरत पड़ती है। इनमें अमेरिका, यूके, जर्मनी, फ्रांस, चीन और यूएई भी शामिल हैं। बता दें कि ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स रैंकिंग के लिए मुख्यतः तीन पैमानों पर काम करता है। एक है एनहैंस्ड मोबिलिटी (50 फीसदी), निवेश (25 पर्सेंट) और क्वालिटी ऑफ लिविंग (25 पर्सेंट)।

कौन सा देश टॉप पर, देखिए लिस्ट
ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स में सबसे टॉप पर स्वीडन है। इसके बाद स्विट्जरलैंड, फिनलैंड, जर्मनी, नीदरलैंड्स, डेनमार्क, आयरलैंड, यूके, ऩर्वे और सिंगापुर का स्थान है।

किस स्थान पर हैं भारत के पड़ोसी
भारत के पड़ोसी देश चीन इस रैंकिंग में 104वें स्थान पर है। वहीं बांग्लादेश 166, नेपाल 164 और पाकिस्तान 188वें स्थान पर है। पाकिस्तान का नाम सबसे निचले पायदान वाले देशों में शामिल है।

टॉप 10 से बाहर अमेरिका
ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में अमेरिका टॉप 10 से बाहर है। इसमें टॉप की रैंकिंग में ज्यादातर यूरोपीय देश हैं। अमेरिका और फ्रांस दोनों ही 11वें स्थान पर है। कनाडा इस रैंकिंग में 13वें स्थान पर है। दुनिया के सबसे कमजोर पासपोर्ट के मामले में सोमालिया, दक्षिण सूडान, यमन और सीरिया हैं। इसके अलावा इरिट्रिया 193वें स्थान पर और सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक 189वें स्थान पर है।

क्यों कमजोर हो गया भारत का पासपोर्ट
भारत का पासपोर्ट कमजोर होने के पीछे मोबिलिटी स्कोर बताया जा रहा है। 2021 के 18 से सुधरकर यह 2026 में 23 हो गया है। वहीं दूसरे देसों का ट्रैवल ऐक्सेस तेजी से बढ़ा है। ऐसे में ओवरऑल रैंकिंग के मामले में भारत का नुकसान हुआ है। टॉप 10 देशों में एशिया का एक ही देश है और वह है सिंगापुर। मोबिलिटी और इन्वेस्टमेंट के मामले में सिंगापुर का पासपोर्ट काफी आगे है।

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