रेवाड़ी में पत्नी ने प्रेमी संग रची पति की हत्या की साजिश, आत्महत्या समझा गया मामला निकला मर्डर

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चंडीगढ़
पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस और इंदौर के सोनम रघुवंशी जैसा एक और मामला हरियाणा में सामने आया है। कुछ हफ्तों पहले रेवाड़ी पुलिस जिस मामले को आत्महत्या का मामला मान रही थी, वह मर्डर साबित हुआ। पुलिस ने बताया कि 21 वर्षीय व्यक्ति की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसकी पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर की है। हत्या का प्लान उन्होंने ठंडे दिमाग के साथ तैयार किया था। इतना ही नहीं पति के अंतिम संस्कार के दौरान आरोपी पत्नी जमकर रोई भी थी। फिलहाल पुलिस ने पत्नी और हत्या में साथ देने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि प्रेमी और एक साथी अभी फरार है।

मीडिया  की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी पत्नी तनु ने कबूल किया है कि उसने अपने प्रेमी सोनू और दो साथियों के साथ मिलकर हत्या को अंजाम दिया है। सबसे पहले पत्नी ने मोनू को मिलने के बहाने नहर के पास बुलाया। वहां पर तीनों आरोपी पहले से मौजूद थे। उन्होंने मोनू को गिराकर मुंह और नाक को तब तक दबाए रखा, जब तक वह बेहोश नहीं हो गया। इसके बाद उसे नहर में डुबो दिया, जिससे किसी को हत्या का शक न हो और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण पानी का डूबना आए। इसके बाद उन्होंने मोनू का स्कूटर भी वहीं पर लगा दिया और उसके फोन से सारा डाटा साफ कर दिया, जिससे किसी को यह पता न चले कि उसने किसको कॉल किया था

बिना बताए पत्नी को लेने गया था मोनू
बकौल पुलिस यह पूरा मामला 7 जून से शुरू हुआ था। 21 वर्षीय मोनू, जड़ताल गांव का रहने वाला था। 7 जून को उसने अपने परिवार को बताया था कि वह पत्नी तनु को लेने के लिए ससुराल जाने वाला है, लेकिन पत्नी ने उसे सैलरी के साथ आने के लिए कहा है। परिवार को इस बात पर थोड़ा शक हुआ लेकिन उन्होंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। इसके बाद 8 जून को सैलरी आने के बाद मोनू ने पैसे निकाले फिर पेट दर्द का बोलकर बिना किसी को बताए स्कूटर लेकर सीधा ससुराल के लिए निकल गया।

परिवार के मुताबिक, मोनू जब देर रात तक घर वापस नहीं लौटा तो उन्होंने खोजबीन शुरू कर दिया। 9 जून को उन्होंने तनु के परिवार को भी फोन करके पूछा। लेकिन उन्होंने मोनू के वहां आने से इनकार कर दिया। तनु ने भी उससे बात होने से मना किया। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी जब मोनू घर वापस नहीं आया, तो परिवार ने पुलिस में जाकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवा दी।

नहर में मिली लाश पहले आत्महत्या मान रही थी पुलिस
इसके बाद 10 जून को पुलिस ने एक नहर से मोनू की लाश बरामद की। उसके शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं थे। इसलिए इसे आत्महत्या का मामला मानकर पुलिस ने कार्यवाही की और शव परिवार को सौंप दिया। पति की मौत की खबर सुनकर तनु मायके से आई और जमकर रोई। परिवार के मुताबिक, उन्हें लगा कि वह अपने पति के मरने के गम में है।

फोन डाटा रिकवर हुआ तो पत्नी पर गहराया शक
मीडिया  की रिपोर्ट के मुताबिक आत्महत्या का मामला बनाने के बाद पुलिस ने मोनू का फोन परिवार को सौंप दिया। लेकिन उसके फोन का पूरा डाटा गायब था। परिवार को शक हुआ, तो उन्होंने साइबर एक्सपर्ट के पास जाकर पूरा डाटा रिकवर करवाने की कोशिश की।

हत्या वाले दिन पत्नी को किए थे 49 कॉल्स
चैट्स और कॉल रिकॉर्ड्स सामने आने पर पता चला कि मोनू ने हत्या वाले दिन अपनी पत्नी को करीब 49 बार फोन किया था। लेकिन तनु ने केवल एक बार कॉल उठाया, जिस पर उन दोनों की तीन मिनट तक बात हुई।

पत्नी तनु समेत दो गिरफ्तार, कैसे कबूला गुनाह
मोनू के अंतिम संस्कार की सारी रस्में खत्म होने के बाद परिवार ने पुलिस थाने में जाकर मर्डर केस दर्ज करवाने की बात कही, लेकिन कथित तौर पर पुलिस ने इस मामले में ध्यान नहीं दिया। इसके बाद परिवार 2 जुलाई को एसपी कार्यालय पहुंचा, जहां से मामले की कार्रवाई आगे बढ़ी और शक के आधार पर पत्नी को गिरफ्तार किया गया। डीएसपी सुरेंद्र के मुताबिक, पुलिस ने आरोपों के आधार पर कार्रवाई की और पत्नी तनु और उसके साथी हरिओम को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान उन दोनों ने इस बात को कबूल किया है कि उन्होंने हत्या की साजिश रची थी। दो फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।

 

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