सिया-केतन केस पर सियासत तेज, BJP सांसद ने उठाई पुरुष आयोग बनाने की पुरानी मांग

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नई दिल्ली

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड ने समाज में एक नई बहस छेड़ दी है। मंगेतर सिया गोयल की बेवफाई और हत्या की खौफनाक साजिश सामने आने के बाद अब पुरुषों के अधिकारों और उनकी कानूनी सुरक्षा का मुद्दा गरमा गया है। इसी कड़ी में भाजपा राज्यसभा सांसद और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के संस्थापक अशोक कुमार मित्तल ने इस घटना को बेहद विचलित करने वाला बताते हुए देश में 'राष्ट्रीय पुरुष आयोग' बनाने की पुरजोर मांग उठाई है। इस मामले में 26 साल के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के आरोप में उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन को गिरफ्तार किया गया है।

सांसद ने शेयर किया अपना पुराना प्राइवेट बिल
सांसद मित्तल ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर किया। यह वीडियो दिसंबर 2025 की राज्यसभा कार्यवाही का है, जब उन्होंने पुरुष आयोग बनाने के लिए संसद में एक 'प्राइवेट मेंबर बिल' पेश किया था।

मित्तल ने एक्स पर लिखा, "पुणे का केतन अग्रवाल मामला बहुत परेशान करने वाला है। केतन और उनके परिवार को निष्पक्ष, पूरी और बिना किसी भेदभाव के जांच मिलनी चाहिए, और सबसे बढ़कर, उन्हें न्याय मिलना चाहिए। मैंने संसद में 'नेशनल कमीशन फॉर मेन बिल' पेश किया था। हर पीड़ित को न्याय, मदद और कानून के तहत समान सुरक्षा मिलनी चाहिए। केतन का मामला यह याद दिलाता है कि पुरुष भी पीड़ित हो सकते हैं। उन्हें संस्थागत मदद, कानूनी सुरक्षा और एक ऐसा मंच मिलना चाहिए जहां उनकी बात सुनी जा सके। लिंग के आधार पर भेदभाव किए बिना, न्याय सभी के लिए समान होना चाहिए।"

बता दें कि अशोक कुमार मित्तल पंजाब से सांसद चुने गए थे। जब उन्होंने यह बिल पेश किया था, तब वे आम आदमी पार्टी (AAP) का हिस्सा थे। हालांकि, इसी साल अप्रैल में राघव चड्ढा के नेतृत्व वाले 7 AAP सांसदों के गुट के हिस्से के रूप में उन्होंने बीजेपी में शामिल होने का दावा किया था।

क्या है प्राइवेट मेंबर बिल का इतिहास?
संसद में किसी भी प्राइवेट मेंबर बिल के पास होने की संभावना बहुत कम होती है और यह मुश्किल से ही कभी वोटिंग के चरण तक पहुंच पाता है। इतिहास पर नजर डालें तो आजादी के बाद से अब तक सिर्फ 14 प्राइवेट बिल ही कानून का रूप ले पाए हैं। वहीं, साल 1970 के बाद से कोई भी ऐसा बिल संसद के दोनों सदनों से पास नहीं हो सका है।

केतन अग्रवाल हत्याकांड में अब तक क्या-क्या हुआ?

पुणे के इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में कोर्ट और पुलिस की कार्रवाई से जुड़ी अहम बातें इस प्रकार हैं।

26 वर्षीय पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के आरोप में उनकी 20 वर्षीय मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी (22) को मुख्य आरोपी बनाया गया है।

3 जुलाई को पुणे की एक अदालत ने दोनों मुख्य आरोपियों को 16 जुलाई तक के लिए 14 दिन की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेज दिया है।

लोनावला ग्रामीण पुलिस ने आरोपियों की पुलिस रिमांड बढ़ाने की मांग की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। पुलिस दोनों आरोपियों का पॉलीग्राफ (लाई-डिटेक्टर) टेस्ट कराना चाहती थी, लेकिन दोनों आरोपियों के आधिकारिक रूप से इनकार करने के बाद कोर्ट ने इस अर्जी को भी नामंजूर कर दिया है।

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