दिल्ली सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, बिजली कंपनियों के CAG ऑडिट पर फिलहाल रोक

Editor
3 Min Read
दिल्ली सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, बिजली कंपनियों के CAG ऑडिट पर फिलहाल रोक
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के उस फैसले पर रोक लगा दी है जिसमें बिजली कंपनियों (डिस्कॉम) का CAG ऑडिट कराने का आदेश दिया गया था. यह मामला डिस्कॉम पर बकाया करीब 38,500 करोड़ रुपये के रेगुलेटरी एसेट्स (RA) से जुड़ा है, जो सालों से उपभोक्ताओं से वसूला जाना बाकी है. जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की पार्ट टाइम वर्किंग डे बेंच ने यह आदेश सुनाया। 

गुरुवार को दिल्ली सरकार ने बिजली डिस्कॉम कंपनियों का CAG ऑडिट कराने का आदेश जारी किया था. इसके तहत भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक यानी CAG को उन हालातों की सख्त और गहन जांच करनी थी, जिनकी वजह से डिस्कॉम कंपनियां रेगुलेटरी एसेट्स की वसूली किए बिना ही काम करती रहीं। 

जिन तीन कंपनियों का ऑडिट होना था, वे हैं बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL), बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (BYPL) और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (TPDDL) । 

दिल्ली सरकार के इस आदेश के अगले ही दिन शुक्रवार को मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया. सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में अपनी बात रखी. वे बिजली नियामक संस्था दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC) की तरफ से पेश हुए थे। 

वहीं निजी डिस्कॉम कंपनियों की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अपना पक्ष रखा. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बेंच ने CAG ऑडिट के आदेश पर तत्काल रोक लगा दी। 

रेगुलेटरी एसेट्स का मतलब होता है वह पैसा जो बिजली कंपनियों ने पहले ही खर्च कर दिया है, लेकिन उसे अभी तक उपभोक्ताओं से बिल के जरिए वसूला नहीं गया है. यह रकम धीरे धीरे हर साल जुड़ती जाती है और आगे चलकर उपभोक्ताओं के बिजली बिल में जोड़ी जाती है. दिल्ली में यह रकम अब 38,500 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है, जो एक बहुत बड़ी राशि है। 

दिल्ली सरकार का कहना था कि इतनी बड़ी रकम के जमा होने के पीछे की वजहों की जांच जरूरी है, इसीलिए CAG ऑडिट का आदेश दिया गया था. लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद यह ऑडिट फिलहाल शुरू नहीं हो पाएगा। 

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *