यूपी में एक जुलाई से नई रोजगार गारंटी योजना लागू, 15 दिन में काम नहीं तो भत्ता

Editor
4 Min Read
यूपी में एक जुलाई से नई रोजगार गारंटी योजना लागू, 15 दिन में काम नहीं तो भत्ता
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

लखनऊ 
यूपी में कल यानी एक जुलाई से रोजगार और काम को लेकर एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। यूपी की योगी कैबिनेट ने काम नहीं तो बेरोजगारी भत्ता देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी दी है। राज्य सरकार यूपी में एक जुलाई से मनरेगा के स्थान पर विकसित भारत- रोजगार और आजीविका के लिए गांरटी मिशन ग्रामीण (वीबी जीरामजी) योजना लागू करने जा रही है। इस योजना की खास बात यह होगी कि पंजीकरण के बाद मजदूरों को 15 दिनों में काम न दिया गया तो उसे 16वें दिन से दैनिक बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। इतना ही नहीं 15 दिनों तक भुगतान न होने की स्थिति में मजदूर को 0.05 प्रतिशत की दर से विलंब मुआवजा भी दिया जाएगा।

ग्राम विकास विभाग के इस प्रस्ताव को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दी गई। कैबिनेट मंजूरी के साथ ही एक जुलाई से यूपी में इस योजना लागू करने का रास्ता साफ हो गया है। इस योजना में कुल खर्च का 60% केंद्र और 40% राज्य सरकार देगी। योजना ग्रामीण क्षेत्र के मजदूरों को रोजगार देने की गारंटी देगी। योजना को चार श्रेणियों में बांटा गया है। जल संबंधी काम, मूल ग्रामीण अवसंरचना (विकास कार्य), आजीविका देना व मौसम संबंधी घटनाओं व आपदाओं से निपटने के लिए विशेष तैयारी करना है। जिला मध्यवर्ती और ग्राम स्तर की पंचायतें योजना के नियोजन, कार्यान्वयन और निगरानी के लिए प्रमुख प्राधिकरण होंगी।

एक साल में 125 दिन का काम
ग्रामीण क्षेत्र के अकुशल शारीरिक रूप से काम करने वालों को योजना में एक वित्तीय वर्ष में 125 दिन का रोजगार दिया जाएगा। मास्टर रोल बंद होने की तारीख से 15 दिनों के अंदर मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। ऐसा न होने पर 0.05 प्रतिशत रोजाना के हिसाब से विलंब मुआवजा दिया जाएगा। खेती के लिए व्यस्तम मौसम में 60 दिन आरक्षित रखा जाएगा। इस दौरान वीबी जीरामजी योजना के तहत कोई काम नहीं किया जाएगा।

प्रदेश स्तर और जिलों में बनेगी संचालन समिति
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद होगा। मुख्य सचिव या राज्य सरकार द्वारा नामित अपर मुख्य सचिव के पद से अनिम्न स्तर के किसी अधिकारी की अध्यक्षता में संचालन समिति गठित होगी। जिलों में डीएम कार्यक्रम समन्वयक और पंचायत स्तर पर खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कार्यक्रम अधिकारी होगा। वह रोजगार की मांग के अवसरों के साथ भुगतान कराने का जिम्मेदार होगा। ग्राम पंचायत का काम व उत्तरदायित्व मुख्यत: परिवारों का पंजीकरण और ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी करना, काम के आवेदन प्राप्त करना और विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करना होगा।

मुफ्त मेडिकल और दुर्घटना बीमा का भी लाभ
कार्यस्थल पर उपस्थिति बायोमेट्रिक से दर्ज होगी। योजना में काम के दौरान किसी तरह की दुर्घटना होने पर जरूरत के अनुसार मुफ्त उचार मिलेगा। मौत या निशक्त होने पर प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से पैसा दिया जाएगा। सभी कामों के लिए जिला स्तर पर सामग्री की लागत 40 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी। वार्ड, ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर पर शिकायतें प्राप्त करने के लिए हर सप्ताह कम से कम एक दिन किसी को नामित किया जाएगा। हर श्रमिक को सुनवाई का मौका दिया जाएगा। अधिनियम में किसी भी प्रावधान के उल्लंघन पर 10 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *