मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे उपार्जन केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे उपार्जन केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण
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भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में उपार्जन केंद्र पर चल रही गेहूँ उपार्जन की प्रक्रिया का आने वाले दिनों में आकस्मिक निरीक्षण करेंगे और किसानों से संवाद कर व्यवस्थाओं की जानकारी लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यह भी देखेंगे कि निर्देशानुसार शासन-प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सभी सुविधाएं किसानों को प्राप्त हो रही है या नहीं। आकस्मिक निरीक्षण के लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव का हेलीकॉप्टर किसी भी समय, कहीं पर भी उतर सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों की सहूलियत के दृष्टिगत गेहूँ उपार्जन एवं स्लॉट बुकिंग की अवधि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई कर दी है।

किसानों भाइयों के लिये उपार्जन केन्द्रों में उपलब्ध सुविधाएँ

उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाएं आदि की व्यवस्थाएं की गई हैं।

किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूँ विक्रय में किसी प्रकार की परेशानी न हो एवं उपज विक्रय के लिए इंतजार न करना पड़े इसके लिये किसानों को जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

 किसानों को गेहूँ की तौल के लिये इंतजार नहीं करना पड़े इस हेतु उपार्जन केन्द्रों में तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है और अधिक तौल कांटे बढ़ाने की सुविधा अब जिलो को दी गई है।

 गेहूँ के लिये एफएक्यू मापदंड में शिथिलता प्रदान की गई है। चमक विहीन गेहूँ की सीमा 50 प्रतिशत तक की गई है। सूकड़े दाने की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक की गई है। क्षतिग्रत दानों की सीमा बढ़ाकर 6 प्रतिशत तक की गई है।

किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिये बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्यूंटर, नेट कनेक्शन, कूपन ,गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि व्यवस्थाएं उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उपार्जन केन्द्र की क्षमता अनुसार उपज की तौल की जा सके एवं अधिक से अधिक किसानों से उपार्जन किया जा सके, इसके लिये उपार्जन केन्द्रों पर प्रतिदिन, प्रति उपार्जन केन्द्र पर गेहूँ विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल किया गया है, इसे जिले और अधिक बढ़ा कर प्रति केन्द्र 3000 क्विंटल कर सकते हैं।

    किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है।

किसानों की सुविधा के लिए खरीदी के लिये प्रत्येक शनिवार को भी स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन का कार्य जारी रहेगा।

किसानों के हित में सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी किसानों तक पहुँचाने के उद्देश्य से जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार किये गये पोस्टर एवं बैनर उपार्जन केन्द्रों में लगाये गये हैं।

अब तक 5 लाख से अधिक किसानों से हुई 22.70 लाख मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी

 अभी तक प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये 9.83 लाख किसानों द्वारा 60.84 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं।

    प्रदेश में अभी तक 5 लाख 8 हजार 657 किसानों से 22 लाख 70 हजार मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है।

    किसानों को 3575.11 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

    विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर 77 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष युद्ध की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है।

 

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