TMC नेता कौन, जिसने नाबालिग से डलवाए वोट? अंगुली पर स्याही के निशान पर मचा बवाल

Editor
5 Min Read
TMC नेता कौन, जिसने नाबालिग से डलवाए वोट? अंगुली पर स्याही के निशान पर मचा बवाल
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

कोलकाता
 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग के दौरान एक नया विवाद सामने आ गया है, जिसने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है. बीजेपी नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक तस्वीर साझा की है, जिसमें एक नाबालिग लड़की की उंगलियों पर वोटिंग स्याही जैसे निशान दिखाई दे रहे हैं. इस तस्वीर के सामने आने के बाद चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और नियमों के पालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। 

नाबालिग के वोटिंग स्याही के निशान पर सवाल
अमित मालवीय ने इस तस्वीर के जरिए तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कोलकाता के मेयर और टीएमसी नेता फिरहाद हकीम पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या फिरहाद हकीम ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एक नाबालिग लड़की की उंगली पर वोटिंग स्याही जैसा निशान लगवाया। 

मालवीय ने अपने पोस्ट में कहा कि वह किसी नाबालिग को राजनीति में घसीटना नहीं चाहते, लेकिन इस तरह की घटना बेहद चिंताजनक है. उनके अनुसार, ऐसी हरकतें गलत संदेश देती हैं और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर सकती हैं। 

चुनाव आयोग से जांच की मांग
बीजेपी नेता ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. उन्होंने चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से अपील की कि इस कथित उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। 

मालवीय का कहना है कि चुनाव जैसे संवेदनशील समय में इस तरह की घटनाएं लोकतंत्र की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करती हैं और इनकी अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। 

इस घटना के सामने आने के बाद राज्य में पहले से जारी आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है. विपक्ष जहां इसे चुनावी नियमों के उल्लंघन का मामला बता रहा है, वहीं तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। 

चुनाव के अंतिम चरण में इस तरह के विवाद सामने आना यह दर्शाता है कि पश्चिम बंगाल का सियासी माहौल कितना संवेदनशील बना हुआ है. अब निगाहें चुनाव आयोग की कार्रवाई पर टिकी हैं कि वह इस मामले में क्या कदम उठाता है। 

इससे पहले अमित मालवीय ने पोलिंग बूथ का एक वीडियो शेयर किया था, जहां ईवीएम में बीजेपी के निशान पर टेप लगाकर ढक दिया गया था. इसके बाद चुनाव आयोग ने इस मामले की जांच कराने और जरूरत पड़ने पर दोबारा वोटिंग कराने की बात कही है। 

कौन है फिरहाद हकीम?
बता दें कि फिरहाद हकीम (बॉबी हकीम) कई बार अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं. उनके कुछ सबसे चर्चित और विवादित बयान नीचे दिए गए हैं:

    2016 के विधानसभा चुनाव के दौरान, पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ (Dawn) की एक महिला पत्रकार के साथ बातचीत में उन्होंने कथित तौर पर अपने निर्वाचन क्षेत्र (गार्डन रीच) को ‘मिनी पाकिस्तान’ कहा था. इस बयान पर पूरे देश में काफी हंगामा हुआ और बीजेपी ने इसे राष्ट्रविरोधी मानसिकता बताया. बाद में उन्होंने सफाई दी कि उन्होंने ऐसा नहीं कहा था और पत्रकार ने उनके शब्दों को गलत तरीके से पेश किया। 

    दिसंबर 2024 में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि ‘जो लोग इस्लाम में पैदा नहीं हुए हैं, वे दुर्भाग्यशाली हैं’ और अल्लाह की कृपा से एक दिन हम (मुस्लिम) बहुमत में होंगे. इस बयान के बाद उनकी अपनी पार्टी (TMC) ने भी उनसे किनारा कर लिया था और कहा था कि पार्टी सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले बयानों का समर्थन नहीं करती. उन्होंने बाद में खुद को एक धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति बताया और कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। 

    2021 के विधानसभा चुनावों के दौरान एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वह कथित तौर पर चुनाव ड्यूटी पर तैनात केंद्रीय सुरक्षा बलों (CAPF) के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा और अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए दिखाई दिए थे. इस मामले में चुनाव आयोग ने उन्हें ‘कारण बताओ’ (Show Cause) नोटिस भी जारी किया था। 

    नवंबर 2024 में एक उपचुनाव के प्रचार के दौरान, उन्होंने संदेशखाली मामले की पीड़ित और बीजेपी उम्मीदवार रेखा पात्रा के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसकी काफी आलोचना हुई थी। 

इन विवादों के बावजूद, फिरहाद हकीम ममता बनर्जी के सबसे करीबी नेताओं में से एक बने हुए हैं और कोलकाता के मेयर के रूप में अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। 

TAGGED: ,
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *