मध्य प्रदेश में हर चुनाव लड़ेगी शिवसेना, राष्ट्रीय सचिव बोले- उद्धव के घमंड से टूटी पार्टी

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मध्य प्रदेश में हर चुनाव लड़ेगी शिवसेना, राष्ट्रीय सचिव बोले- उद्धव के घमंड से टूटी पार्टी
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छिन्दवाड़ा 
 शिवसेना मध्य प्रदेश में हर तरह के चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशी उतारेगी. ये कहना है शिवसेना के राष्ट्रीय सचिव अभिजीत अडसूल का. छिंदावाड़ा में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे अभिजीत ने कहा कि शिवसेना अब पंचायत चुनाव से लेकर विधानसभा और लोकसभा में भी अपने कैंडिडेट उतारकर चुनाव लड़वाने जा रही है. इसके लिए पार्टी ने तैयारियां शुरू कर दी है। 

उद्धव के घमंड से टूट गई शिवसेना : अभिजीत
शिंदे गुट शिवसेना के राष्ट्रीय सचिव और महाराष्ट्र के पूर्व विधायक अभिजीत अडसूल ने छिन्दवाड़ा में पार्टी कार्यकर्ताओं को भी संबोधित किया. कार्यकर्ताओं के इस सम्मेलन में उन्होंने पार्टी विस्तार की रणनीति के साथ ज्यादा से ज्यादा सदस्यों को पार्टी से जोड़ने और सदस्यता अभियान चलाने की बात कही. महाराष्ट्र में चले ऑपरेशन टाइगर पर अभिजीत ने कहा, '' शिवसेना UBT को छोड़कर 6 सांसद शिवसेना शिंदे में शामिल हो गए हैं. इसका सबसे बड़ा कारण उद्धव ठाकरे की अकड़बाजी (घमंड) है क्योंकि वे कार्यकर्ताओं से ठीक से व्यवहार और उनसे मुलाकात भी ठीक से नहीं करते थे, जिसकी वजह से कार्यकता दूर होते गए और फिर उन्होंने लोकप्रिय नेता एकनाथ शिंदे का साथ पकड़ लिया। 

2 साल पहले भी चला था एक ऑपरेशन
अभिजीत अडसूल ने कहा, '' 2 साल पहले भी एक ऐसा ही ऑपरेशन महाराष्ट्र में चला था क्योंकि शिवसेना के हाई कमान राष्ट्रीय अध्यक्ष कार्यकर्ताओं को वक्त नहीं देते थे. 40 विधायक एकनाथ शिंदे के साथ अलग हुए. शिंदे मुख्यमंत्री बने थे और हमने पार्टी को खड़ा करने के लिए बहुत मेहनत की लेकिन अपनी आंखों के सामने पार्टी की स्थिति खराब होती देखना पसंद नहीं था. इसलिए हमें उद्धव ठाकरे को अलग करना पड़ा क्योंकि बाला साहब ठाकरे ने जिस उद्देश्य से पार्टी का गठन किया था, वो अपने उद्देश्यों से भटक रही थी। 

बीजेपी और शिंदे शिवसेना के विचार एक : अभिजीत
शिवसेना के राष्ट्रीय सचिव अभिजीत अडसूल ने कहा, '' बालासाहेब ठाकरे के सपनों को सत्ता के लिए उद्धव ठाकरे ने उसी दिन तोड़ दिया था, जब कांग्रेस और NCP ने मिलकर सरकार बनाई थी, जिससे महाराष्ट्र का विकास रुक रहा था. शिंदे की सरकार बीजेपी के साथ बनी तो महाराष्ट्र ने फिर से विकास की रफ्तार पकड़ ली क्योंकि बीजेपी के साथ विचार भी मिलते हैं. अब केंद्र की सरकार और राज्य की सरकार मिलकर विकास कर रही है। 

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