झारखंड के सभी वन क्षेत्रों में 1 जुलाई से 3 महीने तक पर्यटन और गतिविधियों पर रोक

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झारखंड के सभी वन क्षेत्रों में 1 जुलाई से 3 महीने तक पर्यटन और गतिविधियों पर रोक
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रांची
राज्य के वनों में होने वाली पर्यटन समेत अन्य गतिविधियां एक जुलाई से 30 सितंबर तक बंद रहेंगी। वन क्षेत्र में रहने वाले जीवों की सुरक्षा और नए लगने वाले पौधों को बारिश में पनपने के लिए गतिविधियों पर रोक लगाई जाती है।

पलामू टाइगर रिजर्व, दलमा समेत सभी वन क्षेत्र में इस दौरान सड़क निर्माण, बिजली के टावर लगाने जैसे कार्य भी बंद रहेंगे। मानसून और बारिश के इन तीन महीनों में वनक्षेत्र में दस लाख से ज्यादा नए पौधे भी लगाए जाएंगे।

कच्ची संरचना में होगा पानी का संचयन
वन एवं पर्यावरण विभाग ने इस दौरान वनों के विकास और नए पौधों के संरक्षण उपाय किए हैं। वर्षा के समय कच्ची संरचना में पानी का संचयन किया जाएगा। जून तक पलामू क्षेत्र में औसत से कम बारिश हुई है। ऐसे में नए लगने वाले पौधों की सिंचाई के लिए स्थानीय स्तर पर उपाय किए जा रहे हैं।

कृषि वानिकी विशेषज्ञ संजय पांडे ने बताया कि राज्य के वनों में जुलाई से सितंबर कर ज्यादा बारिश होती है। लेकिन जून में लगने वाले पौधों को बचाने के लिए टैंकरों या अन्य माध्यम से पानी पहुंचाना ही विकल्प है।

इको टूरिज्म का बढ़ेगा दायरा
राज्य के वन क्षेत्र में मानसून के बाद होने वाली पर्यटन गतिविधियों में इको टूरिज्म का दायरा बढ़ाया जाएगा। जंगल सफारी के लिए बैट्री चालित वाहनों की संख्या 25 तक करने की योजना है।

इसके अलावा वन क्षेत्र में आवासीय क्षेत्र में सोलर आधारित विद्युत व्यवस्था की जाएगी। पलामू टाइगर रिजर्व के साथ लातेहार में बनने वाली सफारी का काम भी मानसून के बाद तेज किया जाएगा।

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