हरियाणा की मुफ्त साइकिल योजना में बढ़ती लागत से अभिभावकों पर बोझ

Editor
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हिसार
 आठ साल पहले हरियाणा के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले कक्षा 6 के अनुसूचित वर्ग के बच्चों के लिए निशुल्क साइकिल योजना शुरू की। ताकि जिन बच्चों का घर से स्कूल की दूरी 2 या इससे अधिक किलोमीटर दूर है तो साइकिल चलाकर वह बच्चा स्कूल पहुंच सकें, जिससे वह पढ़ाई से वंचित न रह जाए।

लेकिन उपरोक्त निशुल्क योजना अभिभावकों की जेबें खाली कर रही है। कारण है कि शिक्षा निदेशालय ने 8 साल से प्रदेश के बाजारों का कोई रिव्यू नहीं किया। जिस कारण 2018 से लेकर 2026 तक 20 व 22 इंची साइकिलों की कीमत 54 प्रतिशत बढ़कर 6 हजार रुपये तक पहुंच चुकी है।

जोकि अभिभावकों को भरना पड़ता है। जबकि सरकार अभी तक पुराने नियमानुसार केवल 46 प्रतिशत पैसा ही अभिभावकों को दे रही है। जिस कारण अभिभावकों की जेब पर बोझ बढ़ता है। बता दें कि निशुल्क साइकिल योजना के तहत सरकार 20 इंच की साइकिल के 2800 रुपये व 22 इंच की साइकिल के तीन हजार रुपये ही दे रही है।

बच्चों को पसंद आती है 4500 रुपये की साइकिलें
हर साल सरकारी स्कूलों में लगने वाले निशुल्क साइकिल मेले में बच्चों को 4500 रुपये व इससे अधिक कीमत की साइकिलें पसंद आती है। जोकि लंबे समय तक चलने वाली भी होती है और गुणवत्तायुक्त भी होती है।

लेकिन सरकार की ओर तय कीमत की साइकिलें न तो गुणवक्तायुक्त होती है और न ही लंबे समय तक चलने वाली होती है। जिस कारण न बच्चे और न ही अभिभावक तय कीमत की साइकिलों में रूचि दिखाते हैं।

शिक्षा निदेशालय ने निशुल्क साइकिल योजना के तहत प्रदेश के समस्त डीईओ को कुल एक करोड़ रुपये अलाट कर दिए है। कुछ दिन में समस्त डीईओ को 5-5 लाख रुपये मिल जाएंगे। ताकि मेले के सफल आयोजना में तय राशि को खर्चा जा सकें। इसके लिए डीईओ को आदेश दिए है कि वे विज्ञापन सहित अन्य प्रक्रियाएं शुरू कर दें। ताकि समय रहते मेला लगाया जा सकें।

मेले में खाने-पीने का खर्चा कौन उठाएगा
निशुल्क साइकिल योजना के तहत लगने वाले मेले में दूर-दराज से आए बच्चों व शिक्षकों के लिए रिफ्रेशमेंट उपलब्ध करवाया जाता है।जिसका पैसा सरकार बाद में जारी करती है। जिस कारण बड़ा सवाल रहेगा कि बीते साल की तरह इस साल भी रिफ्रेशमेंट का खर्चा कौन उठाएगा।

हिसार के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी नरेंद्र शर्मा ने कहा कि मैंने अभी डीईईओ पद पर ज्वाइन किया है। मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है।

 

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