चंडीगढ़ में अवैध हथियारों के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश, 3 गिरफ्तार; पिस्टल और कारतूस बरामद

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चंडीगढ़
 चंडीगढ़ में एक्टिव अपराधियों तक अवैध हथियार पहुंचाने वाले एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का चंडीगढ़ पुलिस की ऑपरेशन सेल ने भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से एक पिस्टल, दो देसी कट्टे और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी स्थानीय अपराधियों को जरूरत पड़ने पर हथियार और अन्य लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध करवाते थे।

तीन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मौलीजागरां निवासी अभियास यादव (23), डीएमसी कॉलोनी निवासी विकास उर्फ बट्टी (20) और मनीमाजरा निवासी तैयब उर्फ चेतन (20) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार तीनों के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

गुप्त सूचना के बाद शुरू हुई कार्रवाई
यूटी पुलिस की ओर से असामाजिक तत्वों, वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान ऑपरेशन सेल को सूचना मिली थी कि कुछ युवक अवैध हथियारों की सप्लाई कर रहे हैं और स्थानीय अपराधियों को वारदातों के लिए हथियार उपलब्ध करवा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी और तकनीकी व स्थानीय स्तर पर जांच शुरू की।

पहले आरोपी से मिली पिस्टल और कारतूस
जांच के दौरान 8 जून को ऑपरेशन सेल की टीम ने बीएसएनएल मोड़ फेज-2 के पास एक संदिग्ध युवक को रोका। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से एक देशी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। आरोपी की पहचान अभियास यादव के रूप में हुई। उसके खिलाफ सेक्टर-31 थाना में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ और पुलिस रिमांड के दौरान उसने अपने अन्य साथियों के बारे में अहम जानकारी दी।

पूछताछ में सामने आए दो और नाम
अभियास यादव से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने 10 जून को सेक्टर-43 स्थित सीटीयू वर्कशॉप के पीछे से विकास उर्फ बट्टी को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से एक देसी कट्टा बरामद हुआ। इसके बाद जांच आगे बढ़ी तो तीसरे आरोपी तैयब उर्फ चेतन का नाम सामने आया। पुलिस ने 15 जून को किशनगढ़ चौक के पास स्लिप रोड से उसे गिरफ्तार किया और तलाशी के दौरान उसके पास से भी एक देसी कट्टा बरामद किया।

अपराधियों तक पहुंचाए जा रहे थे हथियार
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े हुए थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार कहां से लाए गए और इन्हें किन अपराधियों तक पहुंचाया जाना था। अधिकारियों का मानना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो इन हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी आपराधिक वारदात में किया जा सकता था।

आरोपियों का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी अभियास यादव के खिलाफ पंचकूला, चंडीगढ़ और मोहाली में हत्या के प्रयास, मारपीट, अपहरण, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के करीब 19 मामले दर्ज हैं। वहीं विकास उर्फ बट्टी के खिलाफ हत्या के प्रयास, दंगा, धमकी और आर्म्स एक्ट से जुड़े आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। तीसरे आरोपी तैयब उर्फ चेतन के खिलाफ भी लूट और चोरी के कई मामले दर्ज बताए गए हैं।

नेटवर्क की गहराई तक पहुंचने में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस आरोपियों के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि हथियार सप्लाई चेन में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इनके संभावित गैंग कनेक्शन क्या हैं और इन हथियारों का इस्तेमाल किन वारदातों में किया जाना था। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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