पटना फायरिंग केस: गार्डों की जमानत पर कोर्ट ने टाला फैसला

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पटना फायरिंग केस: गार्डों की जमानत पर कोर्ट ने टाला फैसला
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 पटना
 राजधानी पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टडीज में हुए बवाल और फायरिंग मामले में मंगलवार को अदालत में सुनवाई हुई।

इस दौरान फैजल खान उर्फ खान सर के दोनों गार्डों को राहत नहीं मिली। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका पर तत्काल फैसला सुनाने के बजाय पुलिस को अपडेटेड केस डायरी और अन्य जरूरी दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया है।

मामले की अगली सुनवाई अब 20 जून को होगी। इसी दिन फैजल खान से जुड़े मामले की भी सुनवाई प्रस्तावित है। उन्‍हें 20 जून तक के लिए गिरफ्तारी से राहत मिली है।

वहीं, ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के संचालक रौशन आनंद के सहयोगियों की ओर से भी जमानत याचिका दायर किए जाने की चर्चा तेज है।

फैजल खान पर हत्‍या का आरोप
इधर, एक दिन पहले जेल से बाहर आए रौशन आनंद ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। उन्होंने फैजल खान और एक कोल्ड स्टोरेज मालिक पर अपने भाई प्रिंस यादव की हत्या का गंभीर आरोप लगाया है।

बताया जा रहा है कि सोमवार देर रात सहरसा में प्रिंस यादव का अंतिम संस्कार किया गया। उनके चाचा ने मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और समर्थक शामिल हुए। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

प्रिंस यादव के बड़े चाचा मनोज यादव के अनुसार, बेटे की मौत की खबर सुनने के बाद उसके माता-पिता गहरे सदमे में हैं और उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है। परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है।

तेजस्‍वी यादव ने की सीबीआई जांच की मांग
गौरतलब है कि प्रिंस यादव की मौत नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। इस मामले में नेपाल पुलिस ने प्रिंस के पांच दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

घटना के बाद से बिहार और नेपाल दोनों जगह यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जाता है कि पटना पुलिस प्र‍िंस के साथि‍यों को लाने जाएगी।

इस बीच पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव ने मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखा है।

इसके बाद राज्य की राजनीति में भी इस मामले को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है।

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