दिल्ली में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम, 9 गिरफ्तार, 18 हथियार बरामद

Editor
3 Min Read

नई दिल्ली

सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली में एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है। एजेंसियां पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल से जुड़े एक संदिग्ध सीमा-पार गिरोह की जांच कर रही हैं। कुल 9 गुर्गे गिरफ्तार किए गए हैं। इनके पास से 18 आधुनिक हथियार बरामद किए हैं। यह गैंग पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल के संपर्कों के जरिए मुंगेर के रास्ते कई राज्यों में हथियार पहुंचाने की फिराक में था। इस मामले में एनआईए के वांछित आरोपी शाहबाज अंसारी की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

सनद रहे हाल ही में नोएडा से भी दो गैंगस्टरों को पकड़ा गया है जो सीधे तौर पर आईएसआई के इशारे पर काम कर रहे थे। ये लोग सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को भड़काने, स्लीपर सेल बनाने और महत्वपूर्ण जगहों की रेकी करने में शामिल थे। इनका मुख्य उद्देश्य भारत की आंतरिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाना और टारगेट किलिंग को अंजाम देना था।

सूत्रों ने बताया कि आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल करके राष्ट्रीय राजधानी को दहलाने की एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया गया है। इस मामले में पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल से जुड़े एक संदिग्ध सीमा पार गिरोह की जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने नौ कथित गुर्गों से 18 आधुनिक हथियार बरामद किए हैं। ये लोग मुंगेर के रास्ते इन हथियारों को कई राज्यों में पहुंचाने की योजना बना रहे थे।

सूत्रों ने बताया कि मामले में शाहबाज अंसारी की भूमिका भी जांच की जा रही है। शाहबाज अंसारी सिद्धू मूसेवाला हथियार सप्लाई मामले में NIA का वॉन्टेंड आरोपी है। वह यूपी के खुर्जा का रहने वाला है। यह घटनाक्रम पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी के बाद सामने आया है। 22 अप्रैल, 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले में 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक की जान चली गई थी।

बीते 24 अप्रैल को यूपी एटीएस ने नोएडा से 2 ऐसे गैंगस्टरों को अरेस्ट किया जो पाकिस्तान में बैठे आकाओं और ISI के इशारे पर काम कर रहे थे। संदिग्धों की पहचान तुषार चौहान (उर्फ हिज्बुल्लाह अली खान, 20 वर्ष) और समीर खान के रूप में हुई है। इन संदिग्धों को एक पिस्टल, जिंदा कारतूस और एक चाकू के साथ पकड़ा गया था। यह कार्रवाई खुफिया जानकारी मिलने के बाद की गई थी।

सूत्रों के अनुसार, ये गैंगस्टर ISI के निर्देशों पर भारत की आंतरिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश में थे। ATS की मानें तो ये आतंकी संगठनों और गैंगस्टरों के साथ मिलकर इंस्टाग्राम और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को बरगलाने में लगे थे। ये दोनों आतंकी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट के साथ मिलकर काम करते थे। ये 'स्लीपर सेल' बनाकर टार्गेट किलिंग को अंजाम देने और संवेदनशील जगहों की रेकी करने की फिराक में थे।

 

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live