बठिंडा में जासूसी नेटवर्क का खुलासा, सोलर कैमरे से सेना और सुरक्षा एजेंसियों पर रखी जा रही थी नजर

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बठिंडा.

बठिंडा में पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक गंभीर मामले का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों ने एक ऐसे संदिग्ध जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिस पर सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियों पर नजर रखने तथा संवेदनशील जानकारी विदेशों में बैठे देश विरोधी तत्वों तक पहुंचाने का आरोप है।

मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार मामला थाना थर्मल क्षेत्र में दर्ज प्राथमिकी संख्या 66, दिनांक 9 जून 2026 से जुड़ा है। आरोपियों के खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता कानून और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

सोलर ऊर्जा आधारित कैमरा किया इंस्टॉल
जांच के दौरान सामने आया कि बठिंडा-मलोट मार्ग पर अंबुजा फैक्ट्री के सामने सरकारी बिजली के खंभे पर मार्च महीने में एक सोलर ऊर्जा आधारित कैमरा लगाया गया था। इस कैमरे में सक्रिय सिम कार्ड लगा हुआ था, जिसके माध्यम से दूर बैठकर लाइव निगरानी की जा रही थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि कैमरे को बेहद सुनियोजित तरीके से ऐसे स्थान पर स्थापित किया गया था, जहां से राष्ट्रीय राजमार्ग पर होने वाली गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके।

राजस्थान तक रख रहा था आरोपित नजर
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि राजस्थान, फाजिल्का और फिरोजपुर सीमा क्षेत्रों की ओर जाने वाले सैन्य वाहनों, सुरक्षा बलों की आवाजाही और अन्य संवेदनशील गतिविधियों की निगरानी इस नेटवर्क का मुख्य उद्देश्य था। एकत्र की गई वीडियो फुटेज कथित तौर पर पाकिस्तान और कनाडा में बैठे देश विरोधी तत्वों तथा उनके एजेंटों तक पहुंचाई जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ज्योति यादव बैंस के निर्देश पर विशेष जांच टीमें गठित की गईं। पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस ने सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, तकनीकी साक्ष्यों और मानव खुफिया तंत्र की सहायता से पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का काम किया।

अमृतसर से हुई गिरफ्तारियां
जांच के दौरान 10 जून को अमृतसर जिले के अजनाला क्षेत्र के गांव सराए निवासी 40 वर्षीय अशोक सिंह को गिरफ्तार किया गया। उससे पूछताछ के आधार पर आगे कार्रवाई करते हुए 14 जून को उसी गांव के 22 वर्षीय अकासदीप सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ में दो अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता भी सामने आई है। मामले में कुल चार लोगों को नामजद किया है। इनमें से दो गिरफ्तार हैं, जबकि दो आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।

तार इंटरनेशनल नेटवर्क से जुड़ने के संकेत मिले
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है और इसके तार अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है। साथ ही, जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस नेटवर्क के माध्यम से अब तक कितनी संवेदनशील जानकारी विदेशों तक पहुंचाई गई।

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