दस्तावेजी चूक से पाकिस्तान नहीं जा सका सिख जत्था, 94 श्रद्धालु लौटे वापस

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कुरुक्षेत्र
 हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (एचएसजीएमसी) की ओर से श्रीगुरु अर्जुन देव महाराज के शहीदी गुरु पर्व पर पाकिस्तान की धार्मिक यात्रा के लिए भेजे गए सिखों के जत्थे को अटारी-वाघा बॉर्डर से वापस भेजे जाने के बाद मामला पूरी तरह गरमा गया है।

प्रशासनिक और दस्तावेजी प्रक्रिया में हुई गंभीर चूक के कारण 94 श्रद्धालुओं को पाकिस्तान में प्रवेश नहीं मिल सका और उन्हें बार्डर से बैरंग लौटना पड़ा। इस बड़ी लापरवाही के बाद जहां श्रद्धालुओं में भारी रोष है, वहीं एचएसजीएमसी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित कर दी है।

बुधवार देर रात जत्थे के वापस कुरुक्षेत्र लौटने के बाद वीरवार सुबह एचएसजीएमसी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा तुरंत मुख्य कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के साथ आपातकालीन बैठक की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने जांच कमेटी गठित करने की घोषणा की। कमेटी ने साफ किया है कि इस ऐतिहासिक चूक के लिए जो भी कर्मचारी या अधिकारी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी।

गृह मंत्रालय तक दौड़े अधिकारी, पर नहीं मिली क्लीयरेंस
सूत्रों के मुताबिक, यात्रा के लिए आवश्यक दस्तावेज समय रहते बार्डर पर तैनात सुरक्षा और आव्रजन (इमिग्रेशन) अधिकारियों तक नहीं पहुंच पाए थे। बुधवार को जब जत्थे को बार्डर पर रोके जाने की खबर आई, तो एचएसजीएमसी के आला अधिकारी तुरंत चंडीगढ़ भागे और गृह मंत्रालय के अधिकारियों से संपर्क साधा।

मंत्रालय से संपर्क करने पर जो सच सामने आया, वह चौंकाने वाला था। पता चला कि जिला स्तर से जो अधिकृत सूची गृह विभाग को भेजी जानी चाहिए थी, वह समय पर पहुंची ही नहीं।

वीजा जारी होने के बाद भी सूची को वापस जिलों में नहीं भेजा गया। तालमेल की कमी के कारण श्रद्धालुओं को जरूरी क्लीयरेंस नहीं मिल सकी। अब संबंधित विभाग के कर्मचारी खुद को पाक-साफ बताते हुए एक-दूसरे पर जिम्मेदारी मढ़ने में लगे हैं।

 

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