राज्यसभा चुनाव में NDA की बढ़ी ताकत, बीजेपी की बल्ले-बल्ले; जानें नया नंबर गेम और विजेताओं की पूरी सूची

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राज्यसभा चुनाव में NDA की बढ़ी ताकत, बीजेपी की बल्ले-बल्ले; जानें नया नंबर गेम और विजेताओं की पूरी सूची
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नई दिल्ली
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा के अलावा भाजपा नेता सतीश पूनिया और तरुण चुघ सहित 24 उम्मीदवार गुरुवार को राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। राज्यसभा की 27 सीटों में से 24 सीटों का फैसला निर्विरोध हो गया। इनमें 19 सीटों पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए, जबकि शेष पांच सीटें कांग्रेस के खाते में गईं।

आंध्र प्रदेश: एनडीए ने चारों सीटों पर जमाया कब्जा
आंध्र प्रदेश की चारों राज्यसभा सीटों पर एनडीए उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए. सत्तारूढ़ गठबंधन की प्रमुख पार्टी टीडीपी के सना सतीश बाबू, भाष्यम रामकृष्ण और चिंतकायाला विजय के साथ जनसेना पार्टी के लिंगमनेनी रमेश राज्यसभा पहुंचे. विधानसभा में भारी बहुमत के कारण विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस कोई चुनौती नहीं दे सकी. खास बात यह रही कि जनसेना पार्टी को पहली बार राज्यसभा में प्रतिनिधित्व मिला. यह नतीजा मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण की राजनीतिक ताकत का संकेत माना जा रहा है। 

गुजरात: भाजपा ने किया क्लीन स्वीप, कांग्रेस का सफाया
गुजरात में राज्यसभा की चारों सीटों पर भाजपा उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए. जितेंद्र कंजारिया, मानसिंह परमार, राजेश शुक्ला और मुकेश राठवा उच्च सदन पहुंचे. विधानसभा में भाजपा के भारी बहुमत और कांग्रेस की कमजोर स्थिति के चलते मुकाबले की नौबत ही नहीं आई. सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश यह रहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता शक्तिसिंह गोहिल के कार्यकाल समाप्त होने के बाद राज्यसभा में गुजरात से कांग्रेस का कोई प्रतिनिधि नहीं रहेगा. भाजपा ने आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े चेहरों को आगे बढ़ाकर सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश भी की है। 

मेघालय: एनपीपी के जेम्स संगमा निर्विरोध जीते
मेघालय की एकमात्र राज्यसभा सीट पर नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के जेम्स संगमा निर्विरोध निर्वाचित हुए. मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा के नेतृत्व वाली सरकार के उम्मीदवार जेम्स संगमा के खिलाफ विपक्ष ने कोई प्रत्याशी नहीं उतारा. विधानसभा में एनपीपी गठबंधन के बहुमत को देखते हुए उनकी जीत पहले से तय मानी जा रही थी. पूर्व मंत्री रह चुके जेम्स संगमा अब अगले छह वर्षों तक राज्यसभा में मेघालय का प्रतिनिधित्व करेंगे. उनके निर्वाचन से संसद में एनपीपी की उपस्थिति और मजबूत हुई है। 

राजस्थान: भाजपा को दो, कांग्रेस को एक सीट
राजस्थान में तीनों राज्यसभा सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए. भाजपा की ओर से अलका गुर्जर और सतीश पूनिया विजयी रहे, जबकि कांग्रेस अपने वरिष्ठ नेता नीरज डांगी को दोबारा राज्यसभा भेजने में सफल रही. विधानसभा में भाजपा के बहुमत का असर चुनावी नतीजों में साफ दिखा, लेकिन कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक मौजूदगी बनाए रखने के लिए एक सीट सुरक्षित रख ली. सतीश पूनिया का राज्यसभा पहुंचना भाजपा के लिए बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है, वहीं नीरज डांगी का पुनर्निर्वाचन कांग्रेस के लिए राहत की खबर है। 

मध्य प्रदेश: कांग्रेस खाली हाथ, भाजपा की तीनों सीटों पर जीत
मध्य प्रदेश में भाजपा के तीनों उम्मीदवार तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए. कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन तकनीकी कारणों से रद्द हो गया, जिसके बाद मुकाबला खत्म हो गया. परिणामस्वरूप भाजपा ने तीनों सीटों पर कब्जा कर लिया और कांग्रेस राज्यसभा चुनाव में पूरी तरह खाली हाथ रह गई. हालांकि कांग्रेस ने नामांकन रद्द किए जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर सुनवाई होनी है. फिलहाल यह नतीजा भाजपा के लिए बड़ी राजनीतिक जीत माना जा रहा है। 

महाराष्ट्र: महायुति की ताकत के आगे विपक्ष ने नहीं उतारा उम्मीदवार
महाराष्ट्र में राज्यसभा की रिक्त सीट पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के राजेंद्र जैन निर्विरोध निर्वाचित हुए. यह सीट सुनेत्रा पवार के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी. विधानसभा में महायुति गठबंधन के मजबूत बहुमत को देखते हुए विपक्ष ने उम्मीदवार ही नहीं उतारा. भाजपा, शिवसेना और एनसीपी के गठबंधन ने बिना किसी मुकाबले के सीट अपने नाम कर ली. यह नतीजा दिखाता है कि राज्य की राजनीति में महायुति फिलहाल मजबूत स्थिति में बनी हुई है और विपक्ष उसके सामने प्रभावी चुनौती खड़ी नहीं कर पा रहा है। 

कर्नाटक: कांग्रेस ने दिखाई ताकत, खरगे और पवन खेड़ा फिर राज्यसभा पहुंचे
कर्नाटक की चार राज्यसभा सीटों पर सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए. कांग्रेस ने अपनी विधानसभा में मजबूत स्थिति का फायदा उठाते हुए पार्टी अध्यक्ष मल्‍ल‍िकार्जुन खरगे और प्रवक्ता पवन खेड़ा को फिर से राज्यसभा भेजा. वहीं भाजपा के प्रोफेसर एम. नागराज भी उच्च सदन पहुंचे. किसी उम्मीदवार के खिलाफ पर्याप्त संख्या में प्रतिद्वंद्वी नहीं होने के कारण मतदान की जरूरत नहीं पड़ी. कर्नाटक का नतीजा कांग्रेस के लिए बड़ी राहत माना गया, क्योंकि यहां पार्टी ने अपना प्रतिनिधित्व बरकरार रखा। 

झारखंड: INDIA गठबंधन का दबदबा, JMM और कांग्रेस को फायदा
झारखंड की दो सीटों पर सत्तारूढ़ INDIA गठबंधन का पलड़ा भारी रहा. विधानसभा में बहुमत होने के कारण झारखंड मुक्‍ति‍ मोर्चा और कांग्रेस ने सीटों का बंटवारा किया. एक सीट JMM और दूसरी कांग्रेस के खाते में जाने की तस्वीर पहले से लगभग साफ थी. भाजपा यहां अपनी एक सीट बचाने की कोशिश में थी, लेकिन विधानसभा गणित INDIA गठबंधन के पक्ष में रहा। 

अरुणाचल प्रदेश: भाजपा के ताई टागक निर्विरोध जीते
अरुणाचल प्रदेश की एकमात्र राज्यसभा सीट पर भाजपा के वरिष्ठ नेता ताई टागक निर्विरोध निर्वाचित हुए. उनके खिलाफ किसी अन्य दल ने उम्मीदवार नहीं उतारा. यह नतीजा राज्य में भाजपा की मजबूत पकड़ को दर्शाता है. विधानसभा में भाजपा के भारी बहुमत के कारण चुनाव पहले से ही एकतरफा माना जा रहा था। 

मणिपुर: भाजपा ने बरकरार रखी सीट
मणिपुर की एकमात्र राज्यसभा सीट पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए. राज्य में राजनीतिक अस्थिरता और राष्ट्रपति शासन जैसे हालातों के बावजूद भाजपा अपना प्रभाव बनाए रखने में सफल रही. विपक्ष कोई प्रभावी चुनौती खड़ी नहीं कर सका और सीट भाजपा के खाते में चली गई. यह नतीजा पूर्वोत्तर में भाजपा की रणनीतिक बढ़त को मजबूत करने वाला माना जा रहा है। 

 

इन सीटों पर होगा चुनाव
झारखंड की दो सीटों पर, जहां कड़ा मुकाबला होने की संभावना है, तथा मिजोरम की एक सीट पर चुनाव 18 जून को कराया जाएगा। दस राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों के चुनाव तथा महाराष्ट्र, ओडिशा और तमिलनाडु की एक-एक सीट पर उपचुनाव के लिए नामांकन पत्रों की जांच गुरुवार को की गई। निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए सभी उम्मीदवारों को संबंधित निर्वाचन अधिकारियों ने जीत का प्रमाण-पत्र सौंप दिया।

रोमांचक होगा मुकाबला
झारखंड से राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव कराया जाएगा, जहां तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें झामुमो के बैद्यनाथ राम, कांग्रेस के प्रणव झा और निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी शामिल हैं। नाथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के निदेशक हैं और उन्हें भाजपा का समर्थन प्राप्त है। झारखंड विधानसभा में INDIA गठबंधन के 56 विधायक हैं और जीत के लिए प्रत्येक उम्मीदवार को 28 प्रथम वरीयता मतों की आवश्यकता होगी।

वहीं, भाजपा के पास 21 विधायक हैं। इसके अलावा नीतीश कुमार की पार्टी जद(यू), लोजपा (रामविलास) और ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन का एक-एक विधायक है।

मिजोरम से एकमात्र राज्यसभा सीट के चुनाव के लिए, सत्तारूढ़ ज़ोरम पीपल्स मूवमेंट (JPM) के प्रवक्ता के लालतलुआंगकिमा और मुख्य विपक्षी पार्टी मिजो नेशनल फ्रंट (MNF) से ज़ोथानसांगी हमार चुनावी मैदान में हैं।

MP में हुआ बड़ा खेला
मध्यप्रदेश में राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव में भाजपा के तीनों उम्मीदवारों तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को निर्वाचन अधिकारी ने निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया।

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे समेत चार उम्मीदवारों को कर्नाटक से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। इनमें एक भाजपा उम्मीदवार है। खरगे के अलावा, अन्य नवनिर्वाचित सदस्यों में कांग्रेस सचिव मंसूर अली खान, खेड़ा और भाजपा के एम नागराज शामिल हैं। राज्य से मौजूदा चार राज्यसभा सदस्यों इरन्ना कडाडी और नारायण कोरागाप्पा (दोनों भाजपा से), कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खरगे और जनता दल (सेक्युलर) के नेता एचडी देवेगौड़ा का कार्यकाल 25 जून को खत्म हो रहा है और इन रिक्त पदों को भरने के लिए चुनाव की घोषणा की गई थी।

मेघालय: एनपीपी ने बचाई अपनी सीट
मेघालय की एकमात्र राज्यसभा सीट पर जेम्‍स संगमा निर्विरोध निर्वाचित हुए. सत्तारूढ़ नेशनल प‍ीपुल्‍स पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ विपक्ष ने कोई उम्मीदवार नहीं उतारा. विधानसभा में एनपीपी गठबंधन के बहुमत के कारण उनकी जीत तय मानी जा रही थी. इस जीत से संसद में एनपीपी की मौजूदगी और मजबूत हुई है। 

अन्य राज्यों का हाल
राज्यसभा चुनाव के इस दौर के साथ ही, संसद में देवेगौड़ा की पांच दशकों से ज्यादा लंबी पारी खत्म हो जाएगी। गुजरात से चार सीट के लिए सत्तारूढ़ भाजपा के सभी चारों उम्मीदवारों को निर्वाचित घोषित कर दिया गया। इनमें राजूभाई शुक्ला, मानसिंह परमार, मुकेशभाई राठवा और जितेंद्र कंजारिया शामिल हैं।

आंध्र प्रदेश से NDA के चारों उम्मीदवार राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुन लिए गए। निर्वाचित उम्मीदवारों में तीन तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और एक जनसेना से है। निर्वाचन अधिकारी आर वनिता रानी ने बश्याम रामकृष्ण, लिंगमनेनी रमेश, सी विजय और सना सतीश बाबू के उच्च सदन के लिए निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की। रामकृष्ण, विजय और बाबू तेदेपा से हैं, जबकि रमेश जनसेना से हैं। विजय, आंध्र प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सी अय्यन्नापतरुदू के पुत्र हैं।

राजस्थान से भाजपा के दो और कांग्रेस के एक उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। निर्वाचन अधिकारी ने भाजपा के सतीश पूनिया और अलका गुर्जर तथा कांग्रेस के नीरज डांगी को संसद के उच्च सदन के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया।

नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जेम्स के संगमा मेघालय से राज्यसभा की एकमात्र सीट के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए। मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा के भाई जेम्स के संगमा को उच्च सदन के द्विवार्षिक चुनाव के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया, क्योंकि मुकाबले में कोई अन्य उम्मीदवार नहीं था। वानवेइरॉय खरलुखी का कार्यकाल पूरा होने के बाद राज्यसभा की सीट खाली हो गई थी।

मणिपुर में, भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष अधिकारीमायुम शारदा देवी को राज्य से एकमात्र राज्यसभा सीट के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। भाजपा के वरिष्ठ नेता ताई तागाक अरुणाचल प्रदेश से एकमात्र राज्यसभा सीट के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के राजेंद्र जैन उपचुनाव में महाराष्ट्र से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं।

ओडिशा में, भाजपा उम्मीदवार देवाशीष सामंतराय को राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। बीजू जनता दल (BJD) छोड़ने और संसद के उच्च सदन के सदस्य के रूप में इस्तीफा देने के बाद 26 मई को भाजपा में शामिल हुए सामंतराय इस उपचुनाव में एकमात्र उम्मीदवार थे। तमिलनाडु से कांग्रेस उम्मीदवार प्रवीण चक्रवर्ती को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया।

अन्नाद्रमुक नेता सी षणमुगम ने अपना छह वर्षीय कार्यकाल 2028 में समाप्त होने से पहले ही सात मई को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। वह वर्ष 2022 में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के समर्थन से चक्रवर्ती ने नामांकन पत्र दाखिल किया था। नौ जून को अधिकारियों ने उनके नामांकन को वैध घोषित कर दिया, जबकि 12 निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए।

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