गुरु अर्जन देव शहीदी पर्व पर बड़ी सौगात, 541 श्रद्धालुओं को मिला वीजा, पाकिस्तान के लिए रवाना हुआ जत्था

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गुरु अर्जन देव शहीदी पर्व पर बड़ी सौगात, 541 श्रद्धालुओं को मिला वीजा, पाकिस्तान के लिए रवाना हुआ जत्था
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अमृतसर.

पांचवें पातशाह श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी पर्व के अवसर पर पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का विशेष जत्था बुधवार को रवाना हो गया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से भेजे गए इस जत्थे में 541 श्रद्धालु शामिल हैं, जिन्हें पाकिस्तान सरकार की ओर से वीजा जारी किया गया है।

श्रद्धालु धार्मिक यात्रा के दौरान विभिन्न ऐतिहासिक गुरुद्वारों में नतमस्तक होंगे और शहीदी पर्व से संबंधित धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। जानकारी के अनुसार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने इस यात्रा के लिए कुल 561 श्रद्धालुओं के पासपोर्ट नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान दूतावास को भेजे थे। वीजा प्रक्रिया पूरी होने के बाद 541 श्रद्धालुओं को अनुमति मिल गई, जबकि 20 श्रद्धालुओं को वीजा जारी नहीं किया गया। वीजा प्राप्त करने वाले श्रद्धालुओं में यात्रा को लेकर विशेष उत्साह देखा गया।

18 जून को होगा विशेष समागम
धर्म प्रचार कमेटी के सचिव गुरिंदर सिंह मथरेवाल ने बताया कि गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस के संबंध में पाकिस्तान में 18 जून को विशेष धार्मिक समागम आयोजित किया जाएगा। इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं का जत्था रवाना किया गया है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा सिख श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखती है, क्योंकि इससे उन्हें उन ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन करने का अवसर मिलता है जो सिख इतिहास और परंपरा से गहराई से जुड़े हुए हैं। जत्थे की रवानगी से पहले शिरोमणि कमेटी कार्यालय में अरदास की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने गुरु साहिब के जयकारे लगाए और पूरी श्रद्धा के साथ यात्रा की शुरुआत की। धार्मिक वातावरण के बीच रवाना हुए श्रद्धालुओं ने यात्रा को अपने जीवन का सौभाग्यपूर्ण अवसर बताया।

19 जून को होगी जत्थे की वापसी
यात्रा के दौरान श्रद्धालु पाकिस्तान स्थित कई ऐतिहासिक गुरुद्वारों में माथा टेकेंगे और वहां आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। शहीदी पर्व के अवसर पर होने वाले कीर्तन, गुरबाणी पाठ और अन्य धार्मिक आयोजनों में भी उनकी सहभागिता रहेगी। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अनुसार यह जत्था 19 जून को भारत वापस लौटेगा। यात्रा के लिए सभी आवश्यक प्रबंध पहले ही पूरे कर लिए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। शहीदी पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में गहरी आस्था और उत्साह देखने को मिल रहा है।

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