जोजिला सुरंग में भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि, फाइनल ब्रेकथ्रू पूरा; लद्दाख-श्रीनगर कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार

Editor
4 Min Read
जोजिला सुरंग में भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि, फाइनल ब्रेकथ्रू पूरा; लद्दाख-श्रीनगर कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

 श्रीनगर

जम्मू-कश्मीर को लद्दाख से जोड़ने वाली 'जोजिला सुरंग' का अंतिम 'ब्रेकथ्रू' आज पूरा हो गया है. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने। 

इस कामयाबी के साथ ही कश्मीर और लद्दाख के बीच ऑल-वेदर रास्ता बनने का सालों पुराना सपना हकीकत के बेहद करीब पहुंच गया है. इस मौके पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एलजी मनोज सिन्हा ने खुशी जाहिर की. वहीं, नितिन गडकरी ने भी इस टनल की अहमियत बताई। 

एलजी मनोज सिन्हा ने कहा, 'ये एक ऐतिहासिक तारीख है कि आज लद्दाख के लोगों को ऑल वेदर कनेक्टिविटी के लिए अंतिम चरण के पड़ाव को मंत्री जी (नितिन गडकरी) ने पूरा किया. मैं लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के लोगों को दिल से बधाई देता हूं। 

मनोज सिन्हा ने इंजीनियरों को दी बधाई
सिन्हा ने सुरंग के निर्माण में जुटे कार्यबलों की तारीफ करते हुए आगे कहा, 'मैं इस प्रोजेक्ट में काम करने वाले सभी इंजीनियरों को बधाई देता हूं, जिन्होंने इतनी ऊंचाई पर मुश्किल परिस्थितियों में काम किया है. हम सभी जानते हैं कि कनेक्टिविटी से ही विकास होता है. पिछले 12 सालों में इस क्षेत्र में बहुत काम हुआ है। 

एशिया ही नहीं, दुनिया के इतिहास में नंबर-1 बनेगी ये टनल- गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस ब्रेकथ्रू को भारतीय इंजीनियरिंग के इतिहास का एक सुनहरा पन्ना बताया. उन्होंने कहा, 'आज का दिन भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर के इतिहास का सुनहरा दिन है. क्योंकि ये टनल 14 किलोमीटर लंबी है और स्टेट ऑफ आर्ट है. मुझे अभी बताया गया कि अब तक हम इसे एशिया का सबसे लंबा टनल कह रहे थे. लेकिन ये वर्ल्ड के इतिहास में भी नंबर 1 पर जाएगा, ये जानकर मुझे बहुत खुशी है. ये लेह और लद्दाख के लोगों के लिए लाइफलाइन है। 

कंपाने वाली ठंड में इंजीनियर्स और मजदूरों ने किया कमाल
केंद्रीय मंत्री ने सुरंग बनाने के दौरान आने वाली प्राकृतिक चुनौतियों और टीम की कड़ी मेहनत को भी सराहा. उन्होंने बताया, 'यहां की ऊंचाई लगभग 3 हजार मीटर है. जब काम हो रहा था, तो यहां -4 डिग्री या उससे भी कम तापमान के हालात थे. ऐसी कड़ाके की ठंड में हमारे इंजीनियर्स, मजदूर, ठेकेदारों और डॉक्टर्स ने बहुत मेहनत से काम किया है। 

गडकरी ने आहे बताया कि ये टनल वर्ल्ड क्लास सेफ्टी स्टैंडर्ड्स के लिहाज से बनाई गई है और इससे लद्दाख-लेह को ऑल वेदर कनेक्टिविटी मिलेगी। 

जोजिला सुरंग की अहमियत
इस अंतिम ब्रेकथ्रू के साथ ही पहाड़ के दोनों छोर अब आपस में पूरी तरह मिल गए हैं. अब सुरंग के अंदर सड़क बनाने, लाइटिंग, सीसीटीवी कैमरे और आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों को लगाने का काम तेजी से पूरा हो पाएगा. इस सुरंग के पूरी तरह चालू होने से सर्दियों में लद्दाख का देश से संपर्क कटना हमेशा के लिए बंद हो जाएगा। 

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *