विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को मंत्री ओ.पी. चौधरी ने किया सम्मानित

Editor
3 Min Read
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने किया सम्मानित
WhatsApp Share on WhatsApp
add_action('wp_footer', 'jazzbaat_new_version_modal'); function jazzbaat_new_version_modal() { ?>
SW24news • Beta

रायपुर

 विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा आयोजित “प्रकृति से प्रेरित होकर जलवायु और भविष्य का संरक्षण करें” विषयक चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने सम्मानित किया। प्रतियोगिता में विभिन्न आयु वर्गों के विद्यार्थियों एवं दिव्यांग प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी रचनात्मक सोच को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया।

प्रथम आयु वर्ग (12 वर्ष तक) में कृष्णा पब्लिक स्कूल, सरोना की छात्रा कु. सिद्धी वर्मा ने प्रथम, होली क्रॉस गर्ल्स स्कूल रायपुर की कु. काव्या विश्वकर्मा ने द्वितीय तथा कृष्णा पब्लिक स्कूल, डुण्डा की कु. के. तेजस्विनी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सांत्वना पुरस्कार कु. प्रत्युषा शुक्ला, कु. अर्पिता लहर एवं कु. दितिप्रिया चौधरी को प्रदान किया गया।

द्वितीय आयु वर्ग (13 से 17 वर्ष) में सेजेस स्कूल, अभनपुर के छात्र हितेश यादव प्रथम, शिवोम विद्यापीठ रायपुर की कु. हेमा साहू द्वितीय तथा द एशियन एकेडमी के छात्र प्रियांशु साहू तृतीय स्थान पर रहे। सांत्वना पुरस्कार भावेश प्रजापति, मौसमी साहू एवं छवि साहू को प्रदान किया गया।

तृतीय आयु वर्ग (18 से 21 वर्ष) में साइंस कॉलेज रायपुर की छात्रा कु. तन्नू जंघेल ने प्रथम, स्वामी आत्मानंद बी.डी. स्कूल खरोरा के छात्र चिराग पसारी ने द्वितीय तथा कलिंगा विश्वविद्यालय रायपुर के छात्र सचिन जंघेल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सांत्वना पुरस्कार मौसमी दिवान एवं प्रिन्स विश्वकर्मा को दिया गया।

दिव्यांग श्रेणी में शासकीय दिव्यांग महाविद्यालय, माना कैंप की छात्रा कु. लवली खुटियारे प्रथम, छात्र अनमोल पटेल द्वितीय तथा छात्रा कु. डॉली शिवारे तृतीय स्थान पर रहीं। सांत्वना पुरस्कार पुनाराम निषाद, कु. पूजा एवं कु. आयशा खान को प्रदान किया गया।

इस अवसर पर मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में बच्चों और युवाओं की रचनात्मक भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना ही भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित कर सकती है।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारी एवं कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक एवं अभिभावक उपस्थित रहे।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *