बम धमकी से अलर्ट मोड पर प्रशासन, मुक्तेश्वर धाम समेत धार्मिक स्थलों की सुरक्षा कड़ी

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जुगियाल/पठानकोट.

पंजाब के विभिन्न धार्मिक स्थलों को बम से उड़ाने की धमकियां मिलने के बाद जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इसी के तहत जिला पठानकोट के गांव डूंग स्थित ऐतिहासिक एवं प्राचीन मुक्तेश्वर धाम की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत कर दिया गया है।

धमकी भरे पत्र में मुक्तेश्वर धाम का नाम सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन लगातार सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा कर रहा है तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए डी एस पी धार कलां राजेश कक्कड़ ने बताया कि मुक्तेश्वर धाम में सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित करते हुए मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (वॉक-थ्रू मेटल डिटेक्टर) स्थापित किया गया है। अब गुफाओं एवं मंदिर परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को इस सुरक्षा जांच प्रक्रिया से होकर गुजरना होगा। यह उपकरण किसी भी व्यक्ति के पास मौजूद हथियार, चाकू या अन्य संदिग्ध धातु सामग्री का तुरंत पता लगाने में सक्षम है। किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु मिलने पर यह अलार्म के माध्यम से सुरक्षा कर्मियों को तत्काल सतर्क कर देगा।

इसके अलावा मंदिर परिसर, पार्किंग क्षेत्र तथा आसपास के संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। मंदिर के ऊपरी पार्किंग स्थल के समीप क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) को चौबीसों घंटे तैनात किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। सुरक्षा एजेंसियां मंदिर में आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और नियमित गश्त भी जारी है। डीएसपी राजेश कक्कड़ ने बताया कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे सुरक्षा जांच में पूर्ण सहयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस अथवा मंदिर प्रबंधन को दें। ओर किसी भी तरह का पैनिक माहौल ना बनाए। 

आस्था और इतिहास का केंद्र है मुक्तेश्वर धाम 
प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व से भरपूर मुक्तेश्वर धाम क्षेत्र की सबसे प्राचीन धार्मिक धरोहरों में से एक माना जाता है। लोक मान्यताओं के अनुसार महाभारत काल में पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान यहां स्थित गुफाओं का निर्माण किया था। सैकड़ों वर्षों पुराना यह तीर्थस्थल आज भी देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। हर वर्ष महाशिवरात्रि, हिंदू नववर्ष तथा अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां विशाल मेले आयोजित होते हैं, जिनमें लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पहुंचते हैं। धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन की दृष्टि से यह धाम पूरे क्षेत्र की पहचान माना जाता है। 

मंदिर कमेटी ने दिया प्रशासन को पूर्ण सहयोग का भरोसा  
मंदिर कमेटी के चेयरमैन भीम सिंह, अध्यक्ष भाग सिंह, अंकुश तनवाल, सुरेंद्र कुमार, पुरुषोत्तम सिंह, दिलबाग सिंह तथा नरेश कुमार ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन द्वारा किए जा रहे सभी सुरक्षा प्रबंधों में मंदिर कमेटी पूरा सहयोग कर रही है। कमेटी पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना समय की आवश्यकता है तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए उठाया गया हर कदम स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि प्रशासन, पुलिस और मंदिर प्रबंधन के संयुक्त प्रयासों से मुक्तेश्वर धाम में आने वाले श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में दर्शन कर सकेंगे। वहीं जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

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