चंडीगढ़ में रैपर बादशाह के ‘सागो क्लब’ पर कार्रवाई, नियम उल्लंघन में प्रशासन ने किया सील

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चंडीगढ़ में रैपर बादशाह के ‘सागो क्लब’ पर कार्रवाई, नियम उल्लंघन में प्रशासन ने किया सील
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चंडीगढ़.

शहर के सेक्टर-26 स्थित शोरूम नंबर 17 में चल रहे क्लब को सील किया गया है। मशहूर रैपर बादशाह से जुड़े चर्चित सागो क्लब पर मंगलवार सुबह प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। यूटी एस्टेट ऑफिस की बिल्डिंग ब्रांच और प्रवर्तन शाखा की टीम ने भवन नियमों के उल्लंघन के मामले में यह कार्रवाई की।

क्लब संचालकों को कई बार नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर कमियां दूर करने और नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अनुपालन न होने पर प्रशासन ने सीलिंग का फैसला लिया। प्रशासन के अनुसार क्लब परिसर में स्वीकृत भवन नक्शे और निर्माण नियमों से जुड़े कई उल्लंघन पाए गए थे। नोटिसों के बावजूद संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मंगलवार सुबह अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और क्लब को सील कर दिया। मालूम हो कि इस क्लब में सबसे ज्यादा युवा आते हैं और वीकेंड पर यहां पर खूब परियां होती हैं क्लब बंद होने से युवाओं को भी निराशा हुई है। यह वही क्लब है जो पहले भी एक बड़े विवाद के चलते सुर्खियों में रहा था। क्लब के बाहर हुए धमाकों की जिम्मेदारी इंटरनेट मीडिया के माध्यम से गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा द्वारा लिए जाने का दावा सामने आया था। इंटरनेट मीडिया पोस्ट में कथित तौर पर प्रोटेक्शन मनी की मांग पूरी न होने पर धमाके कराने की बात कही गई थी। हालांकि उस मामले की जांच सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस द्वारा की गई थी।

एक साल में करीब 10 क्लबों पर कार्रवाई
शहर में पिछले एक वर्ष के दौरान करीब 10 क्लबों और बारों को भवन नियमों के उल्लंघन के कारण सील किया जा चुका है। सबसे अधिक क्लब मध्य मार्ग और उसके आसपास के क्षेत्रों में संचालित हैं। इससे पहले एस्टेट ऑफिस ने सेक्टर-7 स्थित सांता क्लब और ब्लू एस्टेट क्लब के खिलाफ कार्रवाई की थी। ये दोनों क्लब युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय माने जाते हैं और सप्ताहांत पर यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इससे पहले पिछले साल प्रशासन ने सेक्टर-7 स्थित एक लाउंज बार को भी सील किया था। अधिकारियों के अनुसार वहां भी भवन संबंधी गंभीर उल्लंघन पाए गए थे, जो संपदा विभाग की नीतियों के विपरीत थे।

हाईकोर्ट में हार चुके हैं क्लब संचालक
सूत्रों के अनुसार कई क्लब संचालक इस मामले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तक पहुंचे थे, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। प्रशासन का कहना है कि कई शोरूमों के पिछले हिस्सों और बरामदों में बिना मंजूरी के क्लब और बार संचालित किए जा रहे हैं। बावजूद इसके ऐसे प्रतिष्ठानों को आबकारी एवं कराधान विभाग से लाइसेंस भी जारी किए जाते रहे हैं। पूर्व सांसद के कार्यकाल में गठित एक समिति ने इन क्लबों को नियमित करने की सिफारिश भी की थी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है। प्रशासन का कहना है कि भवन नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का कहना है कि शहर के सभी क्लबोन की जांच की जा रही है अगले दिनों में और क्लबोन पर भी कार्रवाई होगी।

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