CBSE Re-Evaluation 2026: रिवैल्यूएशन पोर्टल बार-बार ठप, छात्रों की बढ़ीं परेशानियां

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CBSE Re-Evaluation 2026: रिवैल्यूएशन पोर्टल बार-बार ठप, छात्रों की बढ़ीं परेशानियां
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नई दिल्ली

सीबीएसई बोर्ड की परेशानियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। चार दिन के लंबे इंतजार के बाद जब पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन पोर्टल एक्टिव हुआ तो छात्र खुशी से फूले नहीं समाए, लेकिन उनकी खुशी बहुत ज्यादा देर नहीं टिक सकी। पोर्टल लॉन्च होने के कुछ देर बाद ही सोशल मीडिया पर शिकायतें आने लगी, लेकिन अब बोर्ड ने वापस से पोर्टल को सक्रिय कर दिया है। हालांकि, कुछ समय पहले अधिकांश छात्रों को अपने सभी लॉगिन विवरण अपलोड करने के बाद स्क्रीन फ्रीज होने की समस्या का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही कुछ छात्रों ने आॅनलान पाई गई गलतियों का वीडियो भी शेयर किया है।

वहीं, कुछ ने तो पोर्टल पर लॉगिन को लेकर शिकायतें दर्ज की है। दरअसल, सीबीएसई की ओर से 12वीं क्लास की कॉपियों के लिए पुनर्मूल्यांकन के लिए पोर्टल आज यानी मंगलवार से फिर से ओपन कर दिया गया है। जिन छात्रों ने री-इवैल्यूएशन के लिए स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए आवेदन किया था और उनको कॉपी में अंकों की गड़बड़ी है वे अब कॉपी को रीचेक करवाने के लिए आॅनलाइन माध्यम से फॉर्म भर सकते हैं। एप्लीकेशन फॉर्म भरने की लास्ट डेट 6 जून 2026 तय की गई है।

10-12 बार ट्राई क‍िया पर नहीं खुल रहा पोर्टल
सीबीएसई की एक छात्रा की मां ने बताया कि उनकी बेटी कॉमर्स की छात्रा है. उन्होंने 10 से 12 बार लॉग‍िन करने की कोश‍िश की, कैप्चा कोर्ड भरने के बाद पेज क्रैश हो जाता है। 

स्कैन कॉपी या फिजिकल कॉपी? पेज नंबर को लेकर छात्रों का कन्फ्यूजन हुआ दूर
सीबीएसई 12वीं पुनर्मूल्यांकन का फॉर्म भरते समय छात्रों के सामने एक नया तकनीकी असमंजस खड़ा हो गया है. छात्र लगातार पूछ रहे हैं कि री-इवैल्युएशन फॉर्म में उन्हें 'स्कैन की गई डिजिटल कॉपी' का पेज नंबर लिखना है या उनकी 'मूल (फिजिकल) उत्तर पुस्तिका' का? उदाहरण के लिए, यदि कोई उत्तर डिजिटल कॉपी में पेज 7 पर है और असल कॉपी में पेज 4 पर, तो क्या भरें?

सीबीएसई के नियमों और पूर्व मूल्यांकन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, छात्रों को फॉर्म में स्कैन की गई डिजिटल कॉपी (Scanned Copy Page Number) का ही पेज नंबर लिखना चाहिए. इसकी वजह यह है कि जो परीक्षक आपकी कॉपी की दोबारा जांच करेगा, उसके सामने आपकी फिजिकल कॉपी नहीं, बल्कि कंप्यूटर स्क्रीन पर वही 'स्कैन की गई डिजिटल कॉपी' होगी. अगर आप स्कैन कॉपी के अनुसार पेज नंबर (जैसे- पेज 7) लिखेंगे, तो परीक्षक को उस विवादित उत्तर या 'अनचेक्ड सवाल' तक तुरंत पहुंचने में आसानी होगी. छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी गफलत से बचने के लिए स्कैन की गई पीडीएफ (PDF) के पेज नंबर को ही आधार बनाएं.

 एक-एक नंबर के लिए मची है जंग, छात्र बोले- हमारे साथ मत खेलो
कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए यह पुनर्मूल्यांकन कोई मामूली प्रक्रिया नहीं है. दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) सहित देश के तमाम बड़े विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए दशमलव के अंकों की भी भारी अहमियत होती है. ऐसे में सिस्टम की तकनीकी गड़बड़ियों या परीक्षकों की लापरवाही के कारण जिन छात्रों के 5 से 10 नंबर कम हुए हैं, उनका पूरा साल और करियर दांव पर लग गया है. छात्र बोर्ड से त्वरित न्याय की गुहार लगा रहे हैं। 

फीस…25 से 100 रुपए
अगर कोई छात्र किसी एक प्रश्न को रीचेक करवाने के लिए आवेदन करेगा तो उसे 25 रुपए का भुगतान करना होगा। इसके अलावा पूरी कॉपी का पुनर्मूल्यांकन/ री-टोटलिंग करवाने के लिए 100 रुपए फीस जमा करनी होगी।

सीबीएसई ने साझा की डिटेल
इधर, सीबीएसई ने सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी साझा की है। सीबीएसई ने लिखा- प्रिय विद्यार्थियों, मूल्यांकन और पुनर्मूल्यांकन पोर्टल अब सक्रिय हो गया है। अंकों के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया के चरण-दर-चरण निर्देशो के लिए कृपया वीडियो को ध्यानपूर्वक देखें।

पोर्टल लिंक: https://postresult.cbseit.in/pvr/ 

अगले साल से डिजीलॉकर रखेंगे कॉपियां
इधर, दावार किया जा रहा है कि सीबीएसई बोर्ड अगले साल से बड़े बदलाव पर विचार कर रहा है। इसमें स्टूडेंट्स को सीधे डिजीलॉकर पर रिजल्ट के साथ ही स्कैन की हुई कॉपी भी उपलब्ध करवा दी जाएगी। इस योजना का उद्देश्य पूरी परीक्षा के लिए पारदर्शिता और स्टूडेंट के बीच भरोसा बनाने का है। 

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