सिम्स में रेबीज रोकथाम पर एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित

Editor
2 Min Read

बिलासपुर

छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर में सामुदायिक चिकित्सा विभाग एवं जिला स्वास्थ्य तंत्र के सहयोग से “रेबीज की रोकथाम एवं पशु काटने के प्रबंधन” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।
      
प्रशिक्षण का उद्देश्य नर्सिंग स्टाफ को रेबीज संक्रमण की पहचान, समय पर उपचार एवं मरीजों की प्रभावी देखभाल के लिए प्रशिक्षित करना था। विशेषज्ञों ने रेबीज की उत्पत्ति, लक्षणों की पहचान तथा आपातकालीन उपचार की विस्तृत जानकारी दी। बताया गया कि संक्रमित पशु के काटने पर वायरस तंत्रिकाओं के माध्यम से मस्तिष्क तक पहुंचकर गंभीर प्रभाव डालता है, लेकिन समय पर टीकाकरण और सही प्रबंधन से इससे बचाव संभव है।
    
 सत्र में नर्सिंग स्टाफ को घाव की तत्काल सफाई, एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) एवं इम्युनोग्लोब्युलिन के उपयोग सहित मरीज की निगरानी के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई। अधिष्ठाता डॉ. मूर्ति ने कहा कि रेबीज एक जानलेवा लेकिन पूरी तरह रोके जा सकने वाला रोग है, वहीं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने हर पशु काटने के मामले में सतर्कता बरतने पर जोर दिया। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. हेमलता ठाकुर सहित अन्य चिकित्सकों और बड़ी संख्या में नर्सिंग स्टाफ, इंटर्न्स व स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया। अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube Reporters Support Directors Live