ट्विशा शर्मा मौत मामले में नया मोड़, 19वें दिन ‘अमित’ नाम के तीसरे शख्स की एंट्री

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ट्विशा शर्मा मौत मामले में नया मोड़, 19वें दिन ‘अमित’ नाम के तीसरे शख्स की एंट्री
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भोपाल.

भोपाल के हाईप्रोफाइल ट्विशा शर्मा मौत मामले 19वें दिन एक नये किरदार की एंट्री हुई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की पड़ताल में कथित तौर पर एक तीसरे व्यक्ति का नाम सामने आया है। इसके बाद CBI ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान अमित नाम के एक व्यक्ति का उल्लेख सामने आया है, जिसके बाद CBI ने मामले को नए एंगल से खंगालना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि ट्विशा की प्रेग्नेंसी को लेकर पति समर्थ सिंह को कुछ शंकाएं थीं, जिसके चलते दोनों के बीच विवाद बढ़ा था।

डॉक्टरों से भी होगी पूछताछ
CBI अब इस पहलू से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करने में जुटी है। जांच एजेंसी मामले से जुड़े डॉक्टरों से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है, ताकि चिकित्सा संबंधी तथ्यों और परिस्थितियों को स्पष्ट किया जा सके।

समर्थ-गिरिबाला से संतोषजनक जवाब नहीं
सूत्रों के मुताबिक, CBI ने समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह से अलग-अलग कई सवाल किए हैं। हालांकि, एजेंसी  को दोनों से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। जांच एजेंसी कई एंगल से मामले की गहन जांच कर रही है। फिलहाल CBI ने आधिकारिक रूप से किसी निष्कर्ष की घोषणा नहीं की है और जांच लगातार जारी है।
12 मई: रात बरीब 10:30 बजे द्विशा शर्मा का शव घर में फांसी पर लटका मिला।
13 मई:  सुबह एम्स भोपाल में पोस्टमॉर्टम किया गया। देर रात परिजनों ने कटारा थाने में हंगामा किया।
14 मई: दोपहर में परिजन पुलिस कमिश्रर कार्यालय पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। देर रात पुलिस ने रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ के खिलाफ FIR दर्ज की।15 मई: गिरिवाना सिंह ने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दिया। शाम करीब 7 बजे कोर्ट ने जमानत मंजूर की। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मानने से इनकार किया।
16 मई: परिजन ने जांच दिल्ली पुलिस को सौंपने की मांग उठाई।
17 मई: परिजन ने सीएम हाउस के बाहर धरना दिया। शव देर रात तक एम्स की मॉर्चुरी में रखा रहा।
18 मई: भोपाल कोर्ट ने समर्थ की अग्रिम जमानत खारिज की। परिजन ने गिरिबाला सिंह को कंज्यूमर फोरम से हटाने के लिए राज्यपाल को पत्र लिखा।
20 मई: जबलपुर हाईकोर्ट ने समर्थ के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया। राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया। DG से ATH रिपोर्ट मागी गई।
22 मई: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने ट्विशा की डेडबॉडी का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने के आदेश दिए। मध्य प्रदेश सरकार ने मामाले की CBI जांच के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा। समर्थ सिंह को पुलिस ने जबलपुर कोर्ट से गिरफ्तार किया।
23 मई: समर्थ को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। इधर, दिल्ली एम्स की टीम भोपाल पहुंची।
24 मई: भोपाल एम्स में दोबारा पोस्टमॉर्टम। परिसर में फोर्स तैनात।
24 मई: 13वें दिन ट्विशा का भदभदा विश्राम घाट में अंतिम संस्कार, भाई हर्षित शर्मा ने मुखाग्नि दी। उधर,पुलिस और एम्स डॉक्टर्स की टीम गिरिबाला सिंह के कटारा हिल्स स्थित बंगले पहुंची। क्राइम सीन रिक्रिएट किया।
25 मई: सुप्रीम कोर्ट में सुनावाई पूरी। अब हाईकोर्ट जबलपुर और भोपाल जिला कोर्ट में सुनवाई।
26 मई: सीबीआई ने टेक ओवर किया केस।
26 मई : भोपाल जिला कोर्ट में CDR-CCTV फुटेज सुरक्षित रखने सुनवाई।
27 मई: हाईकोर्ट ने गिरबाला सिंह को भोपाल जिला कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत रद्द की। वहीं सीबीआई आरोपी पति समर्थ को लेकर कटारा हिल्स उसके घर पहुंची थी।
28 मई : सीबीआई टीम सुबह-सुबह रिटायर्ड जज गिरबाला सिंह के घर पहुंची।

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