त्विषा केस में बड़ा एक्शन, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह गिरफ्तार

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त्विषा केस में बड़ा एक्शन, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह गिरफ्तार
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भोपाल

नोएडा की अभिनेत्री व मॉडल त्विषा शर्मा की भोपाल स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में सास रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया। गुरुवार शाम को सीबीआई टीम ने उन्हें घर से गिरफ्तार किया।

इसके लिए टीम सुबह 10 बजे घर पहुंच गई थी और करीब आठ घंटे तक पूछताछ की। सीबीआई ने उन्हें भोपाल के मैनिट स्थित कैंप में रखा है। वहीं, त्विषा के पति समर्थ सिंह को पहले ही सीबीआई रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।

घर पर घटनास्थल की मैपिंग कराई और जांच की

समर्थ 29 मई तक की रिमांड पर है। सीबीआई की पांच सदस्यीय टीम ने डीआईजी अब्दुल जब्बार के नेतृत्व में गुरुवार को सुबह गिरिबाला के घर पर घटनास्थल की मैपिंग कराई और विभिन्न बिंदुओं पर जांच-पड़ताल की। इसके बाद गिरिबाला से लगातार पूछताछ की गई।

देर शाम गिरफ्तारी के दौरान घर के बाहर और आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा। सीबीआई टीम ने सुरक्षा कारणों से अपनी गाड़ी घर के अंदर पार्क कराई और उसी में गिरिबाला को बैठाकर मैनिट स्थित सीबीआई कैंप कार्यालय ले गई।
तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर सवाल किए

पूछताछ के दौरान अधिकारियों ने गिरिबाला, त्विषा व समर्थ के रिश्तों को लेकर सवाल किए। उन्होंने मामले से जुड़े कई तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर भी सवाल किए। जांच एजेंसी पहले ही इस मामले में कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जब्त कर चुकी है।
हाई कोर्ट ने इसलिए रद की थी अग्रिम जमानत

बता दें कि बुधवार देर रात एक बजे मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर मुख्य पीठ ने रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को भोपाल न्यायालय से 15 मई को दी गई अग्रिम जमानत निरस्त कर दी थी। हाई कोर्ट ने माना था कि ट्रायल कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर पर्याप्त विचार नहीं किया। जबकि वाट्सएप चैट्स और गवाहों के बयानों में सास गिरिबाला सिंह के विरुद्ध भी स्पष्ट आरोप हैं।

हाई कोर्ट ने यह भी माना कि जमानत मिलने के बाद आरोपित जांच में सहयोग नहीं कर रहीं। इन तथ्यों के आधार पर न्यायमूर्ति देवनारायण मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का संदर्भ देते हुए कहा कि यदि जमानत आदेश तथ्यों की अनदेखी पर आधारित हो तो उसे निरस्त किया जा सकता है।

न्यायिक सेवा में कई अहम पदों पद रहीं हैं गिरिबाला

भोपाल में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद से 2024 में रिटायर्ड हुईं गिरिबाला सिंह मध्य प्रदेश न्यायिक सेवा की वरिष्ठ और अनुभवी न्यायिक अधिकारी रही हैं। उन्होंने अपने सेवाकाल के दौरान भोपाल, इंदौर, जबलपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में दीवानी और आपराधिक मामलों की सुनवाई की।

उन्होंने 1988 में मध्य प्रदेश न्यायिक सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर सिविल जज (क्लास-2) के रूप में न्यायिक सेवा में प्रवेश किया। 2010- 2011 में उच्च न्यायिक सेवा का हिस्सा बनीं। 2018 में भोपाल में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर रहीं।

इसके अतिरिक्त वह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की कुलसचिव रह चुकी हैं। गैस राहत कोर्ट भोपाल की न्यायाधीश भी रहीं। वर्तमान में भोपाल जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग-2 की अध्यक्ष हैं।

 

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